नेहा बोरा कौन है? जानिए आइसा अध्यक्ष के बारे में जो चुनाव आयोग विवाद और राहुल गांधी के साथ मार्च कर के चर्चा में आए हैं। अभी पढें!
नेहा बोरा इन दिनों देश की राजनीति और सोशल मीडिया पर सबसे चर्चित चेहरों में से एक बन चुकी हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग और वोटर लिस्ट संशोधन (SIR) विवाद को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच नेहा बोरा ने अपनी आक्रामक नेतृत्व शैली से सबको चौंका दिया है।

हाल ही में दिल्ली में हुए प्रदर्शनों के दौरान जब वे कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ मार्च करती नजर आईं, तो उनकी चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर फैल गई। आइए आसान भाषा में जानते हैं कि आखिर कौन हैं नेहा बोरा और वे किस वजह से मौजूदा प्रोटेस्ट का ‘जेन-जी चेहरा’ बन चुकी हैं।
Table of Contents
- उत्तराखंड से जेएनयू तक का सफर
- थिएटर और वामपंथी राजनीति से जुड़ाव
- पुलिस को चकमा देने की अनोखी रणनीति
- क्यों सुर्खियों में आईं नेहा बोरा?
उत्तराखंड से जेएनयू तक का सफर

29 साल की नेहा बोरा मूल रूप से उत्तराखंड के खटीमा की रहने वाली हैं। उनके पिता भारतीय सेना में थे, जिस कारण उनका बचपन देश के अलग-अलग शहरों में बीता। उनकी शुरुआती पढ़ाई पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से हुई।
इसके बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से समाजशास्त्र (Sociology) में ग्रेजुएशन किया। फिर डॉ. बी.आर. अंबेडकर यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में दाखिला लिया। वर्तमान में वे JNU के स्कूल ऑफ आर्ट्स एंड एस्थेटिक्स से थिएटर एंड परफॉर्मेंस स्टडीज में पीएचडी कर रही हैं।
थिएटर और वामपंथी राजनीति से जुड़ाव
पढ़ाई के दौरान ही नेहा का झुकाव रंगमंच (थिएटर) और वामपंथी विचारधारा की ओर हो गया। वे ‘संगवारी थिएटर ग्रुप’ से जुड़ीं। धीरे-धीरे वे छात्र संगठन AISA (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन) से जुड़ीं और दिसंबर 2024 में AISA की नेशनल प्रेसिडेंट बन गईं।
वामपंथी विचारकों और लेखकों को पढ़ते-पढ़ते उन्होंने छात्र आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू कर दी। देश-दुनिया की अन्य राजनीतिक और छात्र गतिविधियों से जुड़ी ताजा खबरों के लिए आप BBC News Hindi और Reuters India की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं।

पुलिस को चकमा देने की अनोखी रणनीति
नेहा बोरा की प्रोटेस्ट स्ट्रेटजी बाकी पारंपरिक नेताओं से काफी अलग मानी जा रही है। वे पहले से ही अपने प्लान की पूरी जानकारी सार्वजनिक करने के बजाय ‘फ्लैश प्रोटेस्ट’ और सरप्राइज एलिमेंट का इस्तेमाल करती हैं।
कई बार ऐसा देखने को मिला है कि पुलिस जिन्हें हिरासत में लेने के लिए ढूंढ रही होती है, वे अचानक किसी दूसरी जगह पहुंचकर प्रदर्शन शुरू कर देती हैं। पुलिस की सख्ती और लगातार हो रही हिरासत के बावजूद उनके तेवर ढीले नहीं पड़े हैं, जिससे युवा छात्रों के बीच उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है।
क्यों सुर्खियों में आईं नेहा बोरा?

20 जुलाई को शबाना आजमी, योगेंद्र यादव, मनोज झा और प्रकाश राज ने नेहा की भूख हड़ताल खत्म करवाई। इसका वीडियो वायरल हुआ।
नेहा बोरा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान तब मिली जब उन्होंने NEET पेपर लीक और अन्य परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ जंतर-मंतर पर लंबा अनशन किया था। इसके अलावा, हाल ही में चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी दलों के प्रदर्शन के दौरान वे सबसे आगे नजर आईं।
सुप्रीम कोर्ट मार्च के दौरान जब वे राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के साथ नजर आईं, तो राजनीतिक गलियारों में उनकी चर्चा तेज हो गई। छात्र राजनीति और देश के ताजा घटनाक्रम से जुड़े अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट के मुख्य समाचार सेक्शन को विजिट करें।
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