
वॉशिंगटन डीसी: दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका में इस वक्त ‘संवैधानिक महायुद्ध’ चल रहा है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के पुराने टैरिफ आदेश को ‘अवैध’ करार देते हुए रद्द कर दिया, लेकिन ‘फाइटर’ ट्रम्प ने महज 3 घंटे के भीतर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरी दुनिया पर 10% नया ग्लोबल टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया।
1. सुप्रीम कोर्ट का झटका और ट्रम्प का पलटवार
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाया कि राष्ट्रपति को अकेले टैरिफ (टैक्स) लगाने का अधिकार नहीं है, यह शक्ति सिर्फ संसद (कांग्रेस) के पास है। कोर्ट ने कहा, “अमेरिका हर देश के साथ युद्ध की स्थिति में नहीं है, इसलिए आपातकालीन शक्तियों का दुरुपयोग नहीं किया जा सकता।”
ट्रम्प का गुस्सा: फैसले के तुरंत बाद ट्रम्प ने जजों को ‘कट्टर वामपंथियों के पालतू’ और ‘देश का कलंक’ बताया। उन्होंने कहा कि जजों में सही काम करने की हिम्मत नहीं है।
2. भारत के लिए ‘गुड न्यूज़’ या ‘बैड न्यूज़’?
इस पूरे ड्रामे के बीच भारत के लिए एक बड़ा गणित बदला है:
- टैरिफ में भारी कटौती: पहले भारत पर रूसी तेल खरीद और अन्य कारणों से 18% टैरिफ लग रहा था।
- नया नियम: ट्रम्प के नए 10% ग्लोबल टैरिफ के बाद भारत पर लगने वाला टैक्स 18% से घटकर सीधे 10% रह जाएगा।
- मोदी फैक्टर: ट्रम्प ने साफ कहा, “पीएम मोदी मेरे अच्छे दोस्त हैं, भारत के साथ ट्रेड डील में कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन ग्लोबल टैरिफ उन पर भी लागू होगा।”
3. ‘सेक्शन 122’ – ट्रम्प का वो ‘ब्रह्मास्त्र’ जिससे दुनिया डरी
सुप्रीम कोर्ट ने जिस कानून (IEEPA) को खारिज किया, ट्रम्प ने उसकी जगह ‘ट्रेड एक्ट 1974’ के सेक्शन 122 का सहारा लिया है।
- शक्ति: यह कानून राष्ट्रपति को अधिकार देता है कि यदि देश को आर्थिक संकट या व्यापार घाटे का खतरा हो, तो वे तुरंत 150 दिनों के लिए टैरिफ लगा सकते हैं।
- इतिहास: 55 साल पहले राष्ट्रपति निक्सन ने भी इसी तरह 10% टैरिफ लगाया था।
4. प्रेस कॉन्फ्रेंस की 5 बड़ी बातें जो वायरल हो रही हैं:
- कोई रिफंड नहीं: सरकार ने अब तक 200 अरब डॉलर (लगभग 16 लाख करोड़ रुपये) वसूले हैं। ट्रम्प ने साफ कह दिया कि एक रुपया भी वापस नहीं किया जाएगा।
- 5 साल तक चलेगी कानूनी जंग: ट्रम्प ने जजों को चुनौती देते हुए कहा कि यह मामला अगले 5 साल तक कोर्ट में चलेगा, मैं पीछे नहीं हटूंगा।
- डॉलर की सुरक्षा: यह नया टैरिफ 24 फरवरी की आधी रात से लागू होगा ताकि डॉलर के बहाव को रोका जा सके।
- संसद की जरूरत नहीं: ट्रम्प का दावा है कि उन्हें टैरिफ लगाने के लिए संसद की अनुमति की जरूरत नहीं है।
- विदेशी ताकतों का असर: ट्रम्प ने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर विदेशी ताकतों का दबाव था।
5. किन चीजों को मिली छूट?
राहत की बात यह है कि ट्रम्प ने कुछ जरूरी चीजों को इस 10% टैक्स से बाहर रखा है:
- दवाइयां और मेडिकल उपकरण
- जरूरी खनिज (Critical Minerals)
- कृषि उत्पाद (बीफ, संतरा, टमाटर)
- पैसेंजर वाहन और कुछ इलेक्ट्रॉनिक्स
- जरूरी खनिज (Critical Minerals)
हमारा नजरिया: ट्रम्प का यह कदम वैश्विक व्यापार युद्ध (Trade War) को और भड़का सकता है। जहाँ एक तरफ भारत का टैरिफ कम हुआ है, वहीं दूसरी तरफ वैश्विक अस्थिरता बढ़ गई है। क्या दुनिया के अन्य देश भी जवाबी टैरिफ लगाएंगे? यह देखना दिलचस्प होगा।
