LPG Booking Rules में 1 मई 2026 से देशव्यापी बदलाव होने जा रहे हैं, जो सीधे तौर पर करोड़ों घरेलू उपभोक्ताओं को प्रभावित करेंगे। सरकार और तेल कंपनियों ने मिलकर गैस की कालाबाजारी रोकने और सब्सिडी के सही वितरण के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं। इन नियमों का पालन न करने पर न केवल आपकी सब्सिडी रुक सकती है, बल्कि गैस मिलने में भी देरी हो सकती है।
ये बदलाव मुख्य रूप से सिलेंडर बुकिंग की समय सीमा, डिलीवरी प्रक्रिया और आधार प्रमाणीकरण (eKYC) से संबंधित हैं। यदि आप भी रसोई गैस सिलेंडर का उपयोग करते हैं, तो आपको इन ‘Official’ अपडेट्स को ध्यान से समझना चाहिए ताकि महीने की शुरुआत में कोई असुविधा न हो।
बुकिंग के अंतराल में बड़ा बदलाव: अब करना होगा लंबा इंतजार

LPG Booking Rules के तहत अब दो सिलेंडरों की बुकिंग के बीच के समय (Gap) को बढ़ा दिया गया है। पहले शहरों में एक सिलेंडर लेने के 21 दिन बाद आप दूसरा सिलेंडर बुक कर सकते थे, लेकिन अब इस सीमा को बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। यानी अब आपको अपनी रसोई का बजट और गैस का इस्तेमाल और भी सावधानी से प्लान करना होगा।
ग्रामीण क्षेत्रों की बात करें तो वहां यह अंतराल और भी अधिक हो सकता है। कई क्षेत्रों में इसे 45 दिन तक सीमित किया गया है। तेल कंपनियों का मानना है कि इस कदम से गैस की अनावश्यक होर्डिंग (जमाखोरी) पर लगाम लगेगी और वास्तविक जरूरतमंदों को समय पर सप्लाई मिल सकेगी।
डिलीवरी के लिए ‘Official’ OTP सिस्टम: सुरक्षा होगी और भी पुख्ता
गैस डिलीवरी को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए ‘Official’ डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) यानी OTP सिस्टम को अनिवार्य रूप से लागू कर दिया गया है। अब जैसे ही आप सिलेंडर बुक करेंगे, आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक चार अंकों का OTP आएगा।
जब डिलीवरी बॉय आपके घर सिलेंडर लेकर आएगा, तो आपको वह OTP उसे बताना होगा। मशीन में कोड मैच होने के बाद ही डिलीवरी पूरी मानी जाएगी। यह सिस्टम उन लोगों के लिए बहुत जरूरी है जो अपनी बुकिंग का स्टेटस ट्रैक करना चाहते हैं और यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उनके हिस्से का सिलेंडर कहीं और डिलीवर न हो जाए।
eKYC और सब्सिडी का नया गणित: उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए जरूरी
LPG Booking Rules का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा आधार eKYC (इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर) है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के सभी लाभार्थियों के लिए अब आधार के जरिए अपनी पहचान प्रमाणित करना अनिवार्य है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन ग्राहकों का eKYC पूरा नहीं होगा, उनके खाते में सब्सिडी की राशि नहीं भेजी जाएगी।
यह प्रक्रिया प्रत्येक वित्त वर्ष में एक बार पूरी करनी जरूरी है। जिन उपभोक्ताओं ने इस साल अभी तक अपना बायोमेट्रिक या आधार वेरिफिकेशन नहीं कराया है, वे अपने नजदीकी गैस एजेंसी पर जाकर इसे तुरंत पूरा कर सकते हैं। हालांकि, जो लोग पहले ही इस प्रक्रिया को पूरा कर चुके हैं, उन्हें दोबारा ऐसा करने की आवश्यकता नहीं है।

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