करनाल सिटी करनाल में विकास के दावों की जमीनी हकीकत देखनी हो, तो सेक्टर 6 से रविदास चौक की तरफ रुख कीजिए। यहाँ प्रशासन और संबंधित विभाग की घोर लापरवाही का एक ऐसा जीता-जागता नमूना देखने को मिलेगा, जो कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। नूरमहल से लेकर रविदास चौक तक जाने वाली लगभग 6 से 7 किलोमीटर लंबी मुख्य सड़क पिछले करीब एक साल से अधूरी पड़ी है। सड़क का एक हिस्सा (एक साइड) तो चकाचक बना दिया गया, लेकिन दूसरी साइड को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है। अब हालत यह है कि मॉनसून सिर पर है और अधूरी पड़ी यह सड़क इलाके के लोगों के लिए ‘एक्सीडेंट का काल’ बन चुकी है।
इस गंभीर मुद्दे पर ज़मीनी पड़ताल करती ‘सच का समय न्यूज़’ की विशेष रिपोर्ट:
एक साल से अटका काम, आधी सड़क बनी ‘हाईवे’ तो आधी ‘खाई’

ये संत रविदास चौक है जो मेरठ रोड से सेक्टर 4 या 5 को भी जोड़ता है

सड़क की खस्ताहाल हालत
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस सड़क के एक हिस्से का निर्माण कार्य करीब साल भर पहले पूरा कर लिया गया था। लोगों को उम्मीद थी कि जल्द ही दूसरी साइड का काम भी शुरू होगा और उन्हें इस दैनिक जाम और धूल-मिट्टी से निजात मिलेगी। लेकिन प्रशासन ने एक साइड बनाकर मानो अपने हाथ खींच लिए। दूसरी साइड पर कहीं गहरी गिट्टियाँ (रोड़े) बिखरी पड़ी हैं, तो कहीं सड़क का स्तर पहली साइड से कई इंच नीचे है।
इस आधे-अधूरे काम की वजह से पूरी सड़क ‘सिंगल वे’ की तरह काम कर रही है। दोनों तरफ का ट्रैफिक मजबूरन सिर्फ एक ही साइड से गुजर रहा है। जब 6 से 8 किलोमीटर लंबे व्यस्त मार्ग पर दोतरफा ट्रैफिक एक ही लेन पर आ जाए, तो वहां की स्थिति की कल्पना आसानी से की जा सकती है।
इन सेक्टर्स और कॉलोनियों के लाखों लोगों का फंसा है दम
यह कोई ऐसी-वैसी लिंक रोड नहीं है, जिसे नजरअंदाज किया जा सके। यह सड़क करनाल के पॉश और सबसे व्यस्त सेक्टर्स को आपस में जोड़ती है।
- प्रभावित क्षेत्र: इस मुख्य मार्ग से रोजाना सेक्टर 6, 7, 8 और 9 के निवासियों का आना-जाना होता है।
- कॉलोनियों का संपर्क: इसके अलावा इसके आस-पास सटी दर्जनों रिहायशी कॉलोनियों के लोग, नौकरीपेशा, स्कूली बच्चे और व्यापारी इसी रास्ते से होकर अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं।
- दैनिक ट्रैफिक: नूरमहल से रविदास चौक के बीच दिन-रात हजारों वाहनों का दबाव रहता है। सड़क अधूरी होने के कारण पीक ऑवर्स (सुबह और शाम के समय) यहाँ रेंगते वाहनों और उड़ती धूल का नजारा आम हो चुका है।
मॉनसून आने को है: प्रशासन की सुस्ती बढ़ाएगी आफत
सबसे बड़ा और डराने वाला सवाल यह है कि अब मॉनसून आने को है। प्री-मॉनसून की बौछारें कभी भी शुरू हो सकती हैं। स्थानीय लोगों का गुस्सा इस बात पर है कि सूखे मौसम में तो विभाग ने सुस्ती दिखाई और काम अटकाए रखा, अब जब बारिश का मौसम सिर पर है, तो काम में और ज्यादा देरी होना तय है।
बारिश के दिनों में इस अधूरी सड़क की स्थिति और भी खौफनाक हो जाएगी।
- जलभराव का खतरा: अधूरी और नीचे स्तर वाली साइड में पानी भरेगा, जिससे वाहन चालकों को गड्ढों और बिखरी गिट्टियों का अंदाजा नहीं मिल पाएगा।
- फिसलन और कीचड़: मिट्टी और कंक्रीट मिलकर जानलेवा कीचड़ का रूप ले लेंगे, जिससे दोपहिया वाहनों के फिसलने का खतरा सौ गुना बढ़ जाएगा।
- ट्रैफिक जाम: बारिश के दौरान सिंगल चालू लेन पर अगर कोई बड़ा वाहन खराब हो गया, तो सेक्टर्स की लाइफलाइन पूरी तरह ठप हो जाएगी।
एक्सीडेंट का काल बनी सड़क: ‘अगर कोई बड़ा हादसा हुआ, तो जिम्मेदार कौन?’
इस अधूरी सड़क पर अब तक कई छोटे-मोटे हादसे हो चुके हैं। आए दिन बाइक सवार संतुलन खोकर गिर रहे हैं, गाड़ियों के टायर पंक्चर हो रहे हैं और रात के अंधेरे में तो यह रास्ता किसी भूलभुलैया और मौत के कुएं से कम नहीं लगता। स्ट्रीट लाइट्स होने के बावजूद सड़क के बीच का असंतुलन (डिवाइडर का न होना और एक साइड का नीचा होना) चालकों को भ्रमित कर देता है।
‘सच का समय न्यूज़’ के माध्यम से जनता सीधे तौर पर प्रशासन से यह तीखा सवाल पूछ रही है कि— “आखिर विभाग किस बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? क्या जब यहाँ कोई बड़ी जनहानि होगी, किसी का घर उजड़ेगा, तब जाकर अधिकारी फाइलों से बाहर निकलेंगे? अगर यहाँ कोई जानलेवा हादसा होता है, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा? ठेकेदार, संबंधित विभाग के अधिकारी या फिर वो गूंगा-बहरा सिस्टम जो एक साल से इस तमाशे को देख रहा है?”
जनता की मांग: तुरंत शुरू हो काम, नहीं तो होगा आंदोलन
स्थानीय आरडब्ल्यूए (Residents Welfare Association) और सेक्टर्स के प्रबुद्ध नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि मॉनसून के पूरी तरह सक्रिय होने से पहले इस सड़क को मोटरेबल (चलने योग्य) नहीं बनाया गया या निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू नहीं हुआ, तो वे सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। लोगों का कहना है कि वे हर साल ईमानदारी से टैक्स देते हैं, लेकिन बदले में उन्हें टूटी सड़कें, धूल और हादसों का डर मिल रहा है।
‘सच का समय’ की अपील: हम करनाल जिला प्रशासन, नगर निगम और संबंधित लोक निर्माण विभाग (PWD) के उच्चाधिकारियों से अपील करते हैं कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत इस 6-7 किलोमीटर के टुकड़े का संज्ञान लें। मॉनसून की पहली भारी बारिश से पहले यहाँ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं और अधूरी साइड को कम से कम समतल कर चलने योग्य बनाया जाए ताकि किसी बेकसूर की जान आफत में न पड़े।
ब्यूरो रिपोर्ट, सच का समय न्यूज़ (sachkasameynews.in)
यदि आप भी सेक्टर 6, 7, 8, 9 या आस-पास के इलाके में रहते हैं और इस सड़क की वजह से परेशान हैं, तो इस खबर को नीचे दिए गए बटनों से अपने व्हाट्सएप ग्रुप और सोशल मीडिया पर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि सोए हुए प्रशासन तक जनता की आवाज पहुंच सके।



