करनाल (हरियाणा): देशभर में NEET परीक्षा और पेपर लीक को लेकर मचे सियासी और सामाजिक बवाल के बीच अब हरियाणा के करनाल से एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। करनाल के सग्गा गांव में रहकर पढ़ाई कर रही लुधियाना मूल की छात्रा सिमरन ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
सिमरन का दावा है कि जब उसने पहली बार अपना NEET रिजल्ट चेक किया, तो स्क्रीन पर उसे 715 अंक दिखाई दिए थे। लेकिन कुछ ही घंटों बाद उसका ऑनलाइन अकाउंट लॉक हो गया और NTA अधिकारियों ने उसके रिजल्ट को ही फर्जी करार दे दिया।
📱 “715 नंबर की खुशी कुछ ही घंटों में गायब, रिश्तेदारों के फोन के बाद खुला मामला”

छात्रा सिमरन ने अपने परिवार और दस्तावेजों के साथ मीडिया के सामने आकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी:
- पहले दिखा 715 का स्कोर: सिमरन ने बताया कि रिजल्ट घोषित होते ही जब उसने ऑफिशियल पोर्टल पर अपना रोल नंबर डाला, तो 715 अंक दिख रहे थे। उसने तुरंत इसका स्क्रीनशॉट और वीडियो प्रूफ के तौर पर सुरक्षित रख लिया।
- टॉपर लिस्ट में नाम गायब: जब परिवार ने यह खुशी रिश्तेदारों के साथ शेयर की, तो थोड़ी देर बाद सवाल उठने लगे कि इतने ज्यादा अंक होने के बावजूद टॉपर लिस्ट में सिमरन का नाम क्यों नहीं है।
- अकाउंट लॉक और दिल्ली दफ्तर का चक्कर: जब सिमरन ने दोबारा रिजल्ट चेक करने की कोशिश की, तो लगभग दो घंटे बाद रिजल्ट गायब हो चुका था और उसका अकाउंट लॉक कर दिया गया। 17 जुलाई को परिजन NTA के दिल्ली स्थित हेड ऑफिस पहुंचे, जहां अधिकारियों ने उस स्क्रीनशॉट/रिजल्ट को ही फेक बता दिया।
📝 छात्रा की खुली चुनौती: “कैमरे के सामने दोबारा परीक्षा देने को तैयार”
सिमरन का कहना है कि उसने पहले भी NEET में 710 अंक हासिल किए थे और इस बार उत्तर कुंजी (Answer Key) से मिलान करने पर उसके 700 से अधिक अंक बन रहे थे।
संतोषजनक जवाब न मिलने पर सिमरन ने शिक्षा विभाग, NTA दिल्ली और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को ईमेल भेजकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सिमरन का कहना है:
“अगर एजेंसियों को मेरे दावों पर शक है, तो मुझे मेरी OMR शीट और ओरिजिनल आंसर शीट दिखाई जाए। अगर NTA चाहे तो मैं कैमरे के सामने दोबारा परीक्षा देने के लिए भी तैयार हूँ, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।”
🔍 जमीनी हकीकत और बढ़ता जनआक्रोश
करनाल की सिमरन का यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर लाखों छात्र NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही धांधलियों के खिलाफ सड़कों पर उतरे हुए हैं।
तकनीकी खामी, सर्वर त्रुटि या डेटा में गड़बड़ी—वजह चाहे जो भी हो, लेकिन परीक्षा देने वाले युवाओं का परीक्षा प्रणाली से भरोसा उठता दिख रहा है। सिमरन और उसके परिवार ने मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर न्याय दिया जाए।
🗣️ आपकी क्या राय है?
क्या NTA को सिमरन की OMR शीट सार्वजनिक कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए?
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