6 जून को भारत लौटेंगे कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके

क्या है 'कॉकरोच जनता पार्टी' विवाद? 6 जून को भारत लौटेंगे फाउंडर अभिजीत दिपके, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के लिए जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का एलान

सोशल मीडिया से लेकर देश की अदालतों तक इस समय ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) और इसके डिजिटल कैंपेन की भारी चर्चा हो रही है। इस विवादित और चर्चित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के संस्थापक अभिजीत दिपके आगामी 6 जून 2026 को अमेरिका से भारत लौट रहे हैं।

दिपके ने सोमवार को पार्टी के X अकाउंट से 6 जून को भारत लौटने की जानकारी दी।

दिपके ने सोमवार को पार्टी के X अकाउंट से 6 जून को भारत लौटने की जानकारी दी।

भारत लौटते ही दिपके ने देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर एक बड़े प्रदर्शन का एलान किया है, जिसमें वे मौजूदा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करेंगे। अभिजीत दिपके ने इस आंदोलन और भारत वापसी की आधिकारिक जानकारी अपने नए X (ट्विटर) हैंडल ‘कॉकरोच इज बैक’ के जरिए साझा की है।

गौरतलब है कि देश के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की एक हालिया ‘कॉकरोच टिप्पणी’ के बाद 16 मई को अस्तित्व में आई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का क्रेज युवाओं में इस कदर बढ़ा कि इसके इंस्टाग्राम हैंडल ने बेहद कम समय में 2 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स का आंकड़ा पार कर इतिहास रच दिया है।

1. कौन हैं अभिजीत दिपके? आम आदमी पार्टी (AAP) से रहा है पुराना कनेक्शन

महाराष्ट्र के संभाजी नगर (औरंगाबाद) के रहने वाले 30 वर्षीय अभिजीत दिपके एक मंझे हुए डिजिटल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट हैं।

  • पत्रकारिता और पढ़ाई: अभिजीत ने पुणे से पत्रकारिता (Journalism) की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में वे अमेरिका की प्रतिष्ठित बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशन (PR) में मास्टर्स की डिग्री ले रहे हैं।
  • AAP के लिए मीम पॉलिटिक्स: साल 2020 से 2022 तक अभिजीत दिपके दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (AAP) के मुख्य सोशल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट रह चुके हैं। 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में ‘आप’ के लिए वायरल मीम बेस्ड ऑनलाइन प्रचार सामग्री तैयार करने में उनकी बड़ी भूमिका थी। बाद में आर्थिक स्थिरता और उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने ‘आप’ छोड़ दी और अमेरिका शिफ्ट हो गए।

2. X अकाउंट बैन विवाद: दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा 4 हफ्ते में जवाब

केंद्र सरकार द्वारा कॉकरोच जनता पार्टी का आधिकारिक X अकाउंट ब्लॉक किए जाने के बाद यह मामला कानूनी लड़ाई में बदल चुका है। दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव की बेंच ने 29 मई को इस अकाउंट से तत्काल बैन हटाने से इनकार कर दिया।

CJP का पुराना अकाउंट ब्लॉक ➔ दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती ➔ कोर्ट का अंतरिम राहत से इनकार ➔ सरकार और X (ट्विटर) को 4 सप्ताह का नोटिस ➔ अगली सुनवाई 6 जुलाई 2026

अदालत में याचिकाकर्ता अभिजीत दिपके के वकील एडवोकेट नकुल गांधी ने दलील दी कि CJP महज एक राजनीतिक और सामाजिक व्यंग्य (Political Satire) है। अगर कुछ पोस्ट आपत्तिजनक हैं, तो केवल उन्हें हटाया जाना चाहिए, पूरे अकाउंट को फ्रीज करना अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला है। इस पर कोर्ट ने कहा कि सरकार का पक्ष सुने बिना कोई एकतरफा आदेश नहीं दिया जा सकता क्योंकि इस मामले के दूरगामी परिणाम हो सकते हैं।

3. राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला: आईटी एक्ट की धारा 69A के तहत क्यों हुई कार्रवाई?

इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) का इनपुट: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) से मिले गुप्त इनपुट्स के आधार पर केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के तहत 21 मई को CJP का मुख्य X अकाउंट पूरी तरह ब्लॉक कर दिया था। ब्लॉक होने के समय इस पेज पर लगभग 1.93 लाख फॉलोअर्स थे।

मुख्य अकाउंट बंद होने के तुरंत बाद संगठन ने ‘कॉकरोच इज बैक’ नाम से नया हैंडल बनाया, जिसके बायो में लिखा गया- ‘कॉकरोच डोंट डाई’ (कॉकरोच मरते नहीं)। इस नए अकाउंट पर भी महज कुछ ही दिनों में 2.40 लाख से अधिक फॉलोअर्स जुड़ चुके हैं। दूसरी ओर, इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी एक भाजपा कार्यकर्ता द्वारा याचिका दायर कर अभिजीत दिपके को तुरंत भारत प्रत्यर्पित (लाने) करने की मांग की गई है।

4. सुप्रीम कोर्ट का रुख: न्यायपालिका की छवि और सीबीआई जांच की मांग खारिज

इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़े लोगों की संदिग्ध गतिविधियों की CBI जांच कराने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी एक जनहित याचिका दायर की गई थी। याचिकाकर्ता के वकील एनके गोस्वामी ने दलील दी कि यह संगठन भारतीय न्यायपालिका (Judiciary) की छवि को धूमिल करने की कोशिश कर रहा है।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने इस मामले पर तुरंत सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता को नसीहत देते हुए कहा, “इस विषय को इतनी भावुकता से लेने की जरूरत नहीं है।”

भारत सरकार के डिजिटल मीडिया नियमों, सोशल मीडिया ब्लॉकिंग ऑर्डर्स और आईटी एक्ट की कानूनी धाराओं को आधिकारिक रूप से समझने के लिए आप Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY) की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं।

कॉकरोच जनता पार्टी की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं।

Abhishek Ranga is the founder and editor-in-chief of Sach Ka Samay News. With a commitment to journalistic integrity, he focuses on delivering accurate, unbiased, and real-time news to the public. He oversees the digital strategy and content management for the portal, ensuring that every story meets the highest standards of reporting