कभी फैक्ट्री में बनाते थे टोंटियां, आज कोक स्टूडियो के ‘बुल्लेया वे’ गाने से चमकी जालंधर के अशोक मस्कीन की किस्मत

Ashok Maskeen Coke Studio Singer

कोक स्टूडियो सिंगर अशोक मस्कीन): कहते हैं कि हुनर कभी छिपता नहीं है, बस उसे सही समय और सही मंच की तलाश होती है। यह कहावत पंजाब के जालंधर के रहने वाले 50 वर्षीय अशोक मस्कीन पर बिल्कुल सटीक बैठती है। कल तक जो शख्स अपने परिवार का पेट पालने के लिए एक फैक्ट्री में टोंटियां बनाने और खराद का काम (दिहाड़ी मजदूरी) करता था, आज वह देश की म्यूजिक इंडस्ट्री और सोशल मीडिया का चमकता हुआ सितारा बन चुका है। कोक स्टूडियो (Coke Studio) के मंच पर उनके द्वारा गाए गए सूफी गाने ‘बुल्लेया वे’ को अब तक 1.80 करोड़ (18 मिलियन) से ज्यादा लोग देख चुके हैं।

(sachkasameynews.in) के इस विशेष बुलेटिन में आइए जानते हैं दो कमरों के मकान से निकलकर बॉलीवुड तक का सफर तय करने वाले अशोक मस्कीन की यह प्रेरणादायक कहानी।

1. 15 किलोमीटर पैदल यात्रा: गरीबी के बीच ऐसे सीखा संगीत का ककहरा

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अशोक मस्कीन का बचपन बेहद तंगहाली और गरीबी में बीता, जिसके कारण उनके सिर से पढ़ाई का साया बेहद जल्दी उठ गया। वे केवल छठी क्लास तक ही स्कूल जा सके।

  • पिता से मिली विरासत: संगीत का शौक उन्हें अपने पिता से विरासत में मिला था, जो स्थानीय जगरातों में भजन गाया करते थे।
  • उस्ताद की तलाश: एक दिन टीवी पर मशहूर पंजाबी गायक साबर कोटी को गाते देख मस्कीन ने ठान लिया कि वे संगीत की शिक्षा सिर्फ उन्हीं से लेंगे।
  • कड़ा संघर्ष: जेब में पैसे न होने के बावजूद अशोक के हौसले डगमगाए नहीं। वे लगातार 4 दिनों तक अपने घर (मकसूदां) से उस्ताद के घर (जालंधर कैंट) 15 किलोमीटर पैदल चलकर जाते रहे। उनके इस कड़े समर्पण और लगन को देखकर उस्ताद साबर कोटी ने मुस्कुराकर उन्हें अपना शागिर्द (शिष्य) स्वीकार कर लिया।

2. एक सोशल मीडिया रील ने बदली जिंदगी: मुंबई से आया बुलावा

अशोक मस्कीन की जिंदगी में क्रांतिकारी बदलाव करीब एक साल पहले आया, जब उनके भाई ने उनका एक साधारण सा वीडियो मोबाइल से रिकॉर्ड किया।

  1. रील का वायरल होना: वीडियो में अशोक अपने उस्ताद साबर कोटी का प्रसिद्ध गीत ‘तारा अंबरां ते कोई-कोई ए’ गा रहे थे। इस वीडियो को भाई ने सोशल मीडिया पर रील के रूप में पोस्ट कर दिया।
  2. तनिष की नजर: यह रील देखते ही देखते वायरल होकर मुंबई के जाने-माने संगीतकार तनिष के पास जा पहुंची। तनिष अशोक की आवाज की गहराई और कशिश से इस कदर प्रभावित हुए कि उन्होंने बिना वक्त गंवाए सीधे जालंधर फोन घुमा दिया और उन्हें कोक स्टूडियो के लिए गाने का अतुल्य ऑफर दे दिया।

भारतीय संगीत और कोक स्टूडियो के नए सीजन्स के आधिकारिक वीडियो देखने के लिए Coke Studio India Official YouTube पर विजिट करें।

3. भोलापन: जब तनिष से बोले- “फैक्ट्री छोड़ आया तो दिहाड़ी टूट जाएगी”

जमीन से जुड़े अशोक मस्कीन को शुरुआत में कोक स्टूडियो के इस वैश्विक मंच के बड़े स्तर का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था। जब मुंबई से संगीतकार तनिष ने उन्हें ऑडिशन और रिकॉर्डिंग के लिए बुलाया, तो उन्होंने अपने सीधे और भोले अंदाज में पूछा— “आप मुझे पैसे कितने दोगे? मैं फैक्ट्री का काम छोड़कर मुंबई क्यों आऊं, अगर वहां आ गया तो मेरी उस दिन की दिहाड़ी टूट जाएगी और घर कैसे चलेगा।”

संगीतकार तनिष उनके इस सीधेपन और अद्भुत हुनर के कायल हो गए। उन्होंने अशोक को आश्वस्त किया कि उन्हें काम के बदले बेहतरीन फीस दी जाएगी और उनका पूरा सम्मान किया जाएगा।

4. मददगार बने संगीतकार: बेटी के ऑपरेशन का उठाया पूरा खर्च

अशोक मस्कीन बताते हैं कि मुंबई के कला जगत ने उन्हें जो प्यार और सम्मान दिया है, वह उनके लिए अविस्मरणीय है। अशोक की बेटी के होंठ और नाक की हड्डी में जन्म से ही गंभीर समस्या थी, जिसके इलाज के लिए परिवार के पास पैसे नहीं थे।

जब यह बात संगीतकार तनिष को पता चली, तो उन्होंने तुरंत एक बड़े अस्पताल में उनकी बेटी के ऑपरेशन का पूरा वित्तीय खर्च खुद उठाया। इतना ही नहीं, तनिष ने यह भी सुनिश्चित किया कि अशोक पैसों की चिंता छोड़कर सिर्फ अपने रियाज (संगीत अभ्यास) पर ध्यान दें। इसके लिए वे हर महीने अशोक की फैक्ट्री की पुरानी सैलरी से ज्यादा पैसे एडवांस के रूप में सीधे उनके घर भेजते हैं।

अशोक मस्कीन की लाइफ-चेंजिंग टाइमलाइन

पड़ावसंघर्ष और सफलता की कहानीवर्तमान स्थिति (मई 2026)
प्रारंभिक जीवनछठी तक शिक्षा, फैक्ट्री में टोंटियां बनाने का काममजदूरी के दिनों को पीछे छोड़ा
संगीत साधनामकसूदां से जालंधर कैंट तक 15 KM की पैदल यात्रामशहूर गायक साबर कोटी के बने शागिर्द
टर्निंग पॉइंटभाई द्वारा रिकॉर्ड की गई ‘तारा अंबरां ते…’ की रीलइंटरनेट पर वीडियो हुआ शक्तिशाली रूप से वायरल
बड़ी सफलताकोक स्टूडियो का सूफी गाना ‘बुल्लेया वे’1.80 करोड़ से अधिक व्यूज और ग्लोबल पहचान
भविष्यबॉलीवुड फिल्मों में प्लेबैक सिंगिंग के दो बड़े प्रोजेक्ट्सदिल्ली की नामचीन सिंगर के साथ ड्यूट कॉन्ट्रैक्ट साइन

5. हुनर और सही मंच का अद्भुत मिलन

(अशोक मस्कीन कोक स्टूडियो सिंगर) की यह दास्तां साबित करती है कि अगर आपके भीतर सच्चा हुनर और कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो किस्मत का ताला खुलने में देर नहीं लगती। दो कमरों के छोटे से मकान में रहने वाले अशोक मस्कीन की जिंदगी आज पूरी तरह बदल चुकी है। उन्हें अब न सिर्फ लाइव शोज बल्कि बॉलीवुड फिल्मों से भी लगातार ऑफर्स मिल रहे हैं। उनकी यह यात्रा देश के उन लाखों हुनरमंद लोगों के लिए एक अचूक प्रेरणा है जो विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सपनों को जिंदा रखते हैं।

जालंधर की तंग गलियों से निकलकर करोड़ों दिलों पर राज करने वाले अशोक मस्कीन की यह जादुई सफलता वास्तव में संघर्षों पर हुनर की एक असरदार जीत है।

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Abhishek Ranga is the founder and editor-in-chief of Sach Ka Samay News. With a commitment to journalistic integrity, he focuses on delivering accurate, unbiased, and real-time news to the public. He oversees the digital strategy and content management for the portal, ensuring that every story meets the highest standards of reporting