(वीडी सतीशन केरल मुख्यमंत्री शपथ ग्रहण): दक्षिण भारत के महत्वपूर्ण राज्य केरल की राजनीति में आज एक क्रांतिकारी और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लगातार 6 बार से पारावूर सीट से विधायक रहे वीडी सतीशन ने सोमवार, 18 मई 2026 को केरल के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली।
(sachkasameynews.in) के इस विशेष बुलेटिन में हम आपको तिरुवनंतपुरम से आ रही इस भव्य शपथ ग्रहण समारोह की पल-पल की अपडेट और इसके राजनीतिक मायनों से रूबरू करा रहे हैं।
1. 64 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा: पूरी कैबिनेट ने एक साथ ली शपथ
केरल के राजभवन में आयोजित इस समारोह में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने मुख्यमंत्री वीडी सतीशन के साथ उनकी पूरी कैबिनेट यानी सभी 20 मंत्रियों को एक साथ शपथ दिलाई।
- 1962 के बाद पहली बार: केरल के इतिहास में ऐसा पूरे 64 वर्षों के बाद हुआ है। इससे पहले साल 1962 में राज्य के तीसरे कांग्रेसी मुख्यमंत्री रहे आर शंकर ने अपनी पूरी कैबिनेट के साथ एक साथ शपथ ली थी। हालांकि, 1964 में अविश्वास प्रस्ताव के कारण उनकी सरकार गिर गई थी।
- मलयालम में ली शपथ: लगातार 6 बार के अनुभवी विधायक वीडी सतीशन ने सबसे पहले अपनी मातृभाषा मलयालम में पद की शपथ ली, जिसके बाद वहां मौजूद हजारों कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी की।
केरल सरकार और राजभवन के आधिकारिक प्रेस नोट के लिए आप Kerala Government Official Portal पर जा सकते हैं।
2. दिग्गज नेताओं का जमावड़ा: राहुल, प्रियंका समेत विपक्षी नेता पहुंचे तिरुवनंतपुरम
इस अविस्मरणीय समारोह में कांग्रेस आलाकमान के साथ-साथ विपक्षी दलों के कई बड़े नेता भी एकजुटता दिखाने पहुंचे।
- हाईकमान की मौजूदगी: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे इस जीत का जश्न मनाने विशेष रूप से पहुंचे।
- मुख्यमंत्रियों की एंट्री: कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री- सिद्धामैया (कर्नाटक), रेवंत रेड्डी (तेलंगाना), सुखविंदर सिंह सुक्खू (हिमाचल प्रदेश) और कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने भी कार्यक्रम में शिरकत की।
- बीजेपी और लेफ्ट भी शामिल: राजनीति की कड़वाहट से दूर, पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर और सीपीआई (CPI) नेता बिनॉय विश्वम भी वीडी सतीशन को बधाई देने राजभवन पहुंचे।

VD Satheesan Kerala CM Swearing In ceremony with Rahul Gandhi and Priyanka Gandhi
3. कैबिनेट का नया स्वरूप: 14 नए चेहरे शामिल, रमेश चेन्नीथला बनेंगे गृह मंत्री
सतीशन सरकार की नई कैबिनेट में क्षेत्रीय और युवा समीकरणों का विशेष ध्यान रखा गया है, जिसमें कई नए चेहरों को प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- 14 नए मंत्री: कैबिनेट में 14 विधायकों ने पहली बार मंत्री पद की शपथ ली है। इनमें प्रमुख रूप से सीपी जॉन, एन शमसुद्दीन, केएम शाजी, पीके बशीर, वीई अब्दुल गफूर, पीसी विष्णुनाथ, रोजी एम जॉन, और बिंदु कृष्णा शामिल हैं।
- रमेश चेन्नीथला को गृह मंत्रालय: शपथ ग्रहण से पहले मीडिया से बात करते हुए वरिष्ठ नेता रमेश चेन्नीथला ने एलान किया कि वे नई सरकार में गृह मंत्रालय (Home Ministry) का कार्यभार संभालेंगे।
- स्पीकर और डिप्टी स्पीकर: कांग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष का पद तिरुवनंचूर राधाकृष्णन और उपाध्यक्ष (डिप्टी स्पीकर) का पद शनिमोल उस्मान को सौंपने का फैसला किया है।
| सरकार का महत्वपूर्ण टाइमलाइन 2026 | आगामी कार्यक्रम और तारीखें |
| 18 मई 2026 | मुख्यमंत्री वीडी सतीशन और कैबिनेट का शपथ ग्रहण |
| 22 मई 2026 | केरल विधानसभा अध्यक्ष (Speaker) का आधिकारिक चुनाव |
| 29 मई 2026 | राज्यपाल का विधानसभा में नीतिगत संबोधन |
| 05 जून 2026 (संभावित) | नई यूडीएफ (UDF) सरकार का पहला बजट सत्र |
विधानसभा के नियमों और प्रक्रियाओं के अध्ययन के लिए Kerala Legislative Assembly का आधिकारिक पोर्टल देखें।
4. नतीजों से शपथ तक 10 दिनों का सस्पेंस: कैसे तय हुआ सतीशन का नाम?
केरल में 4 मई को आए चुनावी नतीजों में यूडीएफ (UDF) गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिला था, लेकिन मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर पूरे 10 दिनों तक भारी सस्पेंस बना रहा।
- त्रिकोणीय मुकाबला: सीएम पद की रेस में वीडी सतीशन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्नीथला के नाम शामिल थे। सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी की पहली पसंद केसी वेणुगोपाल थे, और विधायकों की आंतरिक बैठक में भी वेणुगोपाल को 75-80% समर्थन मिला था।
- कार्यकर्ताओं और सहयोगियों का दबाव: हालांकि, केरल के स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ता और UDF की सहयोगी पार्टियां (जैसे IUML और केरल कांग्रेस-जोसेफ) सतीशन के नाम पर अड़ गईं। वायनाड में तो वेणुगोपाल के विरोध में तीखे पोस्टर भी लगाए गए थे।
- हाईकमान का अंतिम फैसला: जमीनी फीडबैक और पूर्व प्रदेश अध्यक्षों के समर्थन को देखते हुए 14 मई को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने वीडी सतीशन के नाम पर अचूक मुहर लगाई।
5. केरल की नई सरकार के सामने बड़ी चुनौतियां
वीडी सतीशन केरल मुख्यमंत्री शपथ ग्रहण के साथ ही राज्य में 10 साल बाद यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की सत्ता में वापसी हुई है। कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने इस मौके पर कहा कि यह जीत देश के लिए एक बहुत ही शक्तिशाली संदेश है। अब मुख्यमंत्री वीडी सतीशन के सामने चुनावों में किए गए वादों को पूरा करने, कैबिनेट के विभागों का सही बंटवारा करने और 5 जून को पेश होने वाले राज्य के बजट को संतुलित रखने की एक जरूरी और बड़ी चुनौती होगी।
64 साल बाद पूरी कैबिनेट के साथ शपथ लेकर वीडी सतीशन ने केरल की राजनीति में एक मजबूत शुरुआत की है।
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