तेल अवीव/तेहरान: अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान के खिलाफ निर्णायक जंग का ऐलान कर दिया है। शनिवार को अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में साफ कहा कि “आज रात ईरान पर अब तक का सबसे भीषण हमला किया जाएगा।”
हमले का मुख्य निशाना (Target List):
- मिसाइल क्षमता का खात्मा: अमेरिका का उद्देश्य ईरान के मिसाइल लॉन्चरों और उन फैक्ट्रियों को पूरी तरह तबाह करना है जहाँ ये मिसाइलें बनती हैं।
- तेहरान में तबाही: शुक्रवार देर रात इजराइल ने तेहरान के मेहराबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बमबारी की। चश्मदीदों के अनुसार, एयरपोर्ट पर खड़े कई विमानों में आग लग गई और पूरा इलाका धुएं के गुबार से भर गया।
रूस की एंट्री: ईरान को खुफिया मदद
जंग में रूस की भूमिका भी सामने आ गई है। ‘वॉशिंगटन पोस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार:
- रूस ईरान को मिडिल-ईस्ट में मौजूद अमेरिकी युद्धपोतों (Warships) और सैन्य ठिकानों की सटीक लोकेशन दे रहा है।
- इस खुफिया जानकारी (Targeting Intelligence) की मदद से ईरान अमेरिकी संपत्तियों पर हमला करने की योजना बना रहा है।
⚓ कोच्चि में फँसा ईरानी युद्धपोत (The India Connection)
भारत इस जंग के बीच एक मानवीय संकट का गवाह बना है:
- ईरानी युद्धपोत IRIS लावन (Lavan) फिलहाल भारत के कोच्चि बंदरगाह पर है।
- क्या हुआ: 28 फरवरी को तकनीकी खराबी के बाद ईरान ने भारत से मदद मांगी थी। 4 मार्च को जहाज कोच्चि पहुँचा। फिलहाल इसके 183 क्रू मेंबर भारतीय नौसेना की सुरक्षा में ठहरे हुए हैं।
- बैकग्राउंड: इससे पहले अमेरिका ने श्रीलंका के पास ईरानी युद्धपोत IRIS देना को डुबो दिया था, जिसमें 87 नौसैनिकों की मौत हुई थी।
📊 युद्ध के अब तक के बड़े नुकसान:
| विवरण | आंकड़े/स्थिति |
| ईरान में मौतें | 1332 (US-इजराइल हमलों में) |
| निशाना बने ठिकाने | 1300+ हमले, 14 मेडिकल सेंटर तबाह |
| अमेरिकी हथियार | इजराइल को $151.8 मिलियन की मदद |
| बुनियादी ढांचा | ईरान के कई शहरों में बिजली-पानी ठप |

