हरियाणा के सीएम सिटी कहे जाने वाले करनाल जिले में आज कृषि और डेयरी क्षेत्र को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण दिन है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री राम नाथ ठाकुर आज शुक्रवार (5 जून) को करनाल के विस्तृत दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरान वे स्थानीय किसानों से सीधा संवाद करेंगे और देश के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (NDRI) की शोध गतिविधियों की समीक्षा भी करेंगे।
1. काछवा गांव में ‘खेत बचाओ अभियान’ से किसानों को मिलेगी नई दिशा
केंद्रीय राज्य मंत्री के दौरे का पहला और मुख्य कार्यक्रम करनाल जिले के ऐतिहासिक गांव काछवा में आयोजित किया जा रहा है। काछवा के ग्राम सचिवालय में सुबह 10 बजे से ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम की शुरुआत होगी।
- मुख्य अतिथि: केंद्रीय राज्य मंत्री राम नाथ ठाकुर कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर रहे हैं।
- कार्यक्रम का उद्देश्य: इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य लगातार घटती भूमि की उर्वरता (Soil Fertility) को बचाना, केमिकल खाद के अंधाधुंध इस्तेमाल को रोकना और किसानों को आधुनिक व प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करना है।
- सीधा संवाद: कार्यक्रम के दौरान मंत्री क्षेत्र के भारी संख्या में पहुंचे किसानों से आमने-सामने बैठकर उनकी जमीनी समस्याओं को सुनेंगे और मौके पर ही विभागीय अधिकारियों को समाधान के निर्देश देंगे।
2. दोपहर में राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (NDRI) का दौरा
सुबह 10:00 बजे: काछवा ग्राम सचिवालय में 'खेत बचाओ अभियान' ➔ दोपहर 12:00 बजे: NDRI करनाल परिसर आगमन ➔ डेयरी शोध कार्यों का निरीक्षण
काछवा गांव में किसानों से मुलाकात करने के ठीक बाद, दोपहर 12 बजे केंद्रीय राज्य मंत्री राम नाथ ठाकुर करनाल स्थित राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (NDRI) पहुंचेंगे। एनडीआरआई को भारत में डेयरी सेक्टर की रीढ़ माना जाता है। यहाँ मंत्री संस्थान के शीर्ष वैज्ञानिकों और अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक करेंगे। वे संस्थान की विभिन्न प्रयोगशालाओं, अत्याधुनिक ब्रीडिंग सेंटर्स और डेयरी क्षेत्र में चल रहे नए शोध कार्यों (Research & Development) की बारीकी से जानकारी लेंगे।
3. खेती और डेयरी सेक्टर को मजबूत करने पर रहेगा मुख्य फोकस
विशेष विश्लेषण: विशेषज्ञों के अनुसार, केंद्रीय मंत्री का यह दौरा करनाल और आस-पास के जिलों (जैसे कुरुक्षेत्र, पानीपत और कैथल) के ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम है। इस पूरे दौरे का मुख्य फोकस पारंपरिक खेती के साथ-साथ पशुपालन और डेयरी विकास को जोड़कर किसानों की आय को दोगुना करने पर टिका है। एनडीआरआई दौरे के दौरान दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और पशुओं की नस्ल सुधारने के लिए कुछ नई केंद्रीय योजनाओं की घोषणा भी की जा सकती है।



