Crash 2026: ईरान जंग से सेंसेक्स 1353 अंक गिरा, रुपया ऑल-टाइम लो पर।

Share Market Crash: ईरान जंग से सेंसेक्स 1353 अंक टूटा, रुपया ₹92.33 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर; निवेशकों के ₹22 लाख करोड़ डूबे

मुंबई: वैश्विक राजनीति में बढ़ते तनाव और मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजराइल बनाम ईरान की जंग ने भारतीय Share Market को दहला दिया है। सोमवार, 9 मार्च 2026 को बाजार खुलते ही बिकवाली का ऐसा दौर चला कि सेंसेक्स और निफ्टी ताश के पत्तों की तरह ढह गए। सेंसेक्स जहाँ 1353 अंक गिरकर 77,566 पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी ने भी 422 अंकों की बड़ी गोता लगाई।

💸 निवेशकों की वेल्थ में ₹22 लाख करोड़ की सेंध

Share Market में आई इस सुनामी ने निवेशकों की मेहनत की कमाई को जबरदस्त चोट पहुँचाई है। 27 फरवरी को जब युद्ध के बादल मँडराने शुरू हुए थे, तब BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप ₹4.63 लाख करोड़ था, जो मात्र 10 दिनों में घटकर ₹4.41 लाख करोड़ रह गया है। यानी निवेशकों की संपत्ति में ₹22 लाख करोड़ से ज्यादा की गिरावट आई है।

📊 बाजार गिरने की 3 सबसे बड़ी वजहें

  1. सप्लाई चेन का टूटना: ईरान और इजराइल के बीच संघर्ष से ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ जैसे समुद्री रास्तों पर संकट खड़ा हो गया है, जिससे वैश्विक व्यापार बाधित होने का डर है।
  2. क्रूड ऑयल का उबाल: कच्चा तेल 10 दिनों में 50% महंगा हो गया है। इससे भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ेगा और देश में महंगाई (Inflation) बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।
  3. ग्लोबल मार्केट में हाहाकार: केवल भारतीय Share Market ही नहीं, बल्कि जापान का निक्केई (5.20% गिरावट) और साउथ कोरिया का कोस्पी (5.96% गिरावट) भी बुरी तरह टूटे हैं।

🛢️ कच्चा तेल @ $115: पेट्रोल-डीजल पर बढ़ेगा दबाव

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें साढ़े तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुँच गई हैं। सोमवार को कारोबार के दौरान तेल की कीमतें $115 प्रति बैरल के पार निकल गईं। जानकारों का कहना है कि अगर हालात यही रहे, तो कच्चा तेल $150 तक जा सकता है। इसका सीधा असर भारत की जेब पर पड़ेगा और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में ₹5 से ₹6 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो सकती है।

📉 रुपया हुआ पस्त, सोना-चांदी हुए मस्त

जंग के माहौल में भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर ₹92.33 पर पहुँच गया है। जब भी बाजार में अनिश्चितता आती है, निवेशक Share Market से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश यानी सोने (Gold) की तरफ भागते हैं। यही कारण है कि 10 ग्राम सोने की कीमत ₹800 बढ़कर ₹1.60 लाख के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई है। वहीं चांदी भी ₹2000 महंगी होकर ₹2.63 लाख प्रति किलो बिक रही है।


🛡️ एक्सपर्ट कमेंट्री: निवेशकों को अब क्या करना चाहिए?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि Share Market में अभी और अस्थिरता बनी रह सकती है। जब तक मिडिल ईस्ट से शांति के संकेत नहीं मिलते, तब तक नई खरीदारी से बचना चाहिए। हालांकि, लंबे समय के निवेशकों के लिए यह ‘क्वालिटी शेयर्स’ को निचले स्तर पर खरीदने का मौका भी हो सकता है।