रितेश देशमुख का जीवन परिचय: जब ‘सीएम का बेटा’ होने का मिला ताना, फिल्में फ्लॉप होने पर छोड़ना चाहते थे बॉलीवुड!

रितेश देशमुख का जीवन परिचय: जब 'सीएम का बेटा' होने का मिला ताना, फिल्में फ्लॉप होने पर छोड़ना चाहते थे बॉलीवुड!

बॉलीवुड में किसी स्टार किड या बड़े घराने के लड़के के लिए एंट्री पाना भले ही आसान हो, लेकिन दर्शकों के दिलों में अपनी खुद की पहचान बनाना उतना ही कठिन होता है। जब कोई अभिनेता एक बेहद मजबूत राजनीतिक पृष्ठभूमि से आता है, तो लोग अक्सर उसकी प्रतिभा को नजरअंदाज कर उसे केवल उसके पिता के नाम से जोड़ने लगते हैं। हिंदी और मराठी सिनेमा के एक ऐसे ही बेहतरीन और बहुमुखी अभिनेता हैं रितेश देशमुख, जिन्होंने इस पूर्वाग्रह को तोड़कर फिल्म इंडस्ट्री में अपना एक अलग मुकाम हासिल किया।

आज रितेश देशमुख का जीवन परिचय सिनेमा जगत में कड़ी मेहनत और खुद को बार-बार साबित करने की एक बेहतरीन मिसाल है। एक समय ऐसा था जब शुरुआती फिल्में फ्लॉप होने के कारण वे एक्टिंग छोड़ने का मन बना चुके थे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। पहले कॉमेडी फिल्मों के जरिए लोगों को हंसाया और फिर एक खूंखार विलेन बनकर सबको हैरान कर दिया। आइए करीब से जानते हैं उनके इस दिलचस्प और संघर्षपूर्ण फिल्मी सफर को।

1. पारिवारिक पृष्ठभूमि: महाराष्ट्र के सबसे कद्दावर राजनीतिक परिवार से नाता

रितेश देशमुख का जन्म 17 दिसंबर 1978 को महाराष्ट्र के लातूर में एक बेहद प्रभावशाली और प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। उनके पिता विलासराव देशमुख महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और देश के कद्दावर नेताओं में से एक थे। घर में पूरी तरह से राजनीतिक और प्रशासनिक माहौल होने के कारण हर किसी को लगता था कि रितेश भी आगे चलकर राजनीति में ही अपना करियर बनाएंगे।

उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई जीडी सोमानी मेमोरियल स्कूल, मुंबई से की और बाद में कमला रहेजा विद्यानिधि इंस्टीट्यूट फॉर आर्किटेक्चर से आर्किटेक्चर (वास्तुकला) की डिग्री हासिल की। फिल्मों में आने से पहले वे एक पेशेवर आर्किटेक्ट के रूप में काम कर रहे थे और उन्होंने एक विदेशी फर्म में प्रैक्टिस भी की थी। लेकिन उनके दिल में हमेशा से अभिनय के प्रति एक गहरा आकर्षण छुपा हुआ था।

2. शुरुआती रिजेक्शन: जब लोगों ने एक्टर नहीं, सिर्फ ‘सीएम का बेटा’ माना

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रितेश ने साल 2003 में फिल्म ‘तुझे मेरी कसम’ से बॉलीवुड में कदम रखा। इस फिल्म में उनके साथ जेनेलिया डिसूजा भी मुख्य भूमिका में थीं। हालांकि, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं दिखा सकी। उस दौर में फिल्म समीक्षकों और दर्शकों ने रितेश को एक गंभीर अभिनेता के रूप में स्वीकार करने से इंकार कर दिया था।

इंडस्ट्री के लोग और मीडिया उन्हें केवल ‘मुख्यमंत्री का बेटा’ कहकर बुलाते थे। लोगों का मानना था कि उन्हें यह फिल्म केवल उनके पिता के राजनीतिक प्रभाव और रसूख के कारण मिली है। इस तरह के तानों और आलोचनाओं ने रितेश को मानसिक रूप से काफी परेशान किया, क्योंकि वे अपनी पहचान अपने दम पर बनाना चाहते थे, न कि अपने पारिवारिक बैकग्राउंड के सहारे।

3. करियर का टर्निंग पॉइंट: जब लगातार फ्लॉप फिल्मों के बाद टूटने लगा हौसला

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अपनी पहली फिल्म के बाद रितेश की अगली कुछ फिल्में भी बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिर गईं। लगातार मिल रही असफलताओं से रितेश इतने निराश हो गए थे कि उन्होंने एक समय फिल्म इंडस्ट्री को हमेशा के लिए छोड़ने और वापस अपने आर्किटेक्चर के बिजनेस में लौटने का पूरा मन बना लिया था।

राजनीतिक बैकग्राउंड (सीएम के बेटे) ➔ लगातार फ्लॉप फिल्में ➔ कॉमेडी फिल्मों से वापसी ➔ खूंखार विलेन का अवतार

लेकिन साल 2004 में आई मल्टीस्टारर कॉमेडी फिल्म ‘मस्ती’ उनके करियर के लिए एक संजीवनी बूटी साबित हुई। इस फिल्म में उनके कॉमिक टाइमिंग की जमकर तारीफ हुई और फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही। इस सफलता ने रितेश को बॉलीवुड में टिके रहने का हौसला और एक नई दिशा दी।

4. कॉमेडी के किंग बनकर उभरे और विलेन के रूप में पूरी दुनिया को चौंकाया

‘मस्ती’ की सफलता के बाद रितेश देशमुख बॉलीवुड की कई बड़ी कॉमेडी फ्रेंचाइजी का मुख्य हिस्सा बन गए। ‘क्या कूल हैं हम’, ‘धमाल’, ‘हाउसफुल’ और ‘अपना सपना मनी मनी’ जैसी फिल्मों ने उन्हें इंडस्ट्री का एक स्थापित और भरोसेमंद कॉमेडी स्टार बना दिया। लोग उनकी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग और स्क्रीन प्रेजेंस के दीवाने हो गए।

विलेन बनकर चौंकाया: जब हर कोई समझने लगा था कि रितेश सिर्फ कॉमेडी ही कर सकते हैं, तब साल 2014 में आई फिल्म ‘एक विलेन’ में उन्होंने एक ठंडे दिमाग के सीरियल किलर (राकेश महाडकर) का किरदार निभाकर सबको स्तब्ध कर दिया। इस नकारात्मक भूमिका के लिए उन्हें कई पुरस्कार मिले और उन्होंने साबित किया कि वे एक बेहद उम्दा और वर्सटाइल अभिनेता हैं।

5. मराठी सिनेमा में बतौर निर्देशक और अभिनेता नया इतिहास रचा

हिंदी सिनेमा में अपनी धाक जमाने के बाद रितेश ने अपनी मातृभाषा मराठी सिनेमा का रुख किया। उन्होंने साल 2014 में ‘लय भारी’ फिल्म से मराठी सिनेमा में बतौर मुख्य अभिनेता डेब्यू किया, जिसने कमाई के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए।

इसके बाद उन्होंने फिल्म ‘वेड’ (Ved) के जरिए निर्देशन की दुनिया में कदम रखा। इस फिल्म का निर्देशन करने के साथ-साथ उन्होंने इसमें मुख्य भूमिका भी निभाई। यह फिल्म भी ब्लॉकबस्टर साबित हुई और मराठी सिनेमा के इतिहास में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों की सूची में शामिल हो गई।

6. जेनेलिया डिसूजा के साथ बॉलीवुड की सबसे खूबसूरत लव स्टोरी और परिवार

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रितेश देशमुख का जीवन परिचय उनकी खूबसूरत निजी जिंदगी के जिक्र के बिना अधूरा है। अपनी पहली फिल्म ‘तुझे मेरी कसम’ के सेट पर उनकी मुलाकात अभिनेत्री जेनेलिया डिसूजा से हुई थी। लगभग एक दशक तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद, दोनों ने 3 फरवरी 2012 को पारंपरिक महाराष्ट्रीयन और ईसाई रीति-रिवाजों से शादी कर ली।

आज इस कपल के दो प्यारे बेटे हैं, रियान और राहिल। सोशल मीडिया पर रितेश और जेनेलिया के मजेदार रील्स और पारिवारिक वीडियो अक्सर वायरल होते रहते हैं। बॉलीवुड में जहाँ रिश्ते बहुत जल्दी बनते और बिगड़ते हैं, वहीं इन दोनों की जोड़ी को इंडस्ट्री की सबसे मजबूत, साफ-सुथरी और आदर्श जोड़ियों में से एक माना जाता है।

रितेश देशमुख की फिल्मों के विस्तृत बॉक्स ऑफिस कलेक्शन और उनके करियर ग्राफ की अधिक जानकारी के लिए आप Bollywood Hungama की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं।

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