आज से लागू पेट्रोल ₹3 और डीजल ₹3 प्रति लीटर महंगा — दिल्ली में पेट्रोल ₹97.77 | CNG भी ₹2/kg बढ़ी
पेट्रोल-डीजल ₹3-₹3 महंगे — 2 साल बाद बढ़े दाम, कंपनियों को अभी भी ₹25-30 का घाटा
15 मई 2026 से नई कीमतें लागू | ईरान-अमेरिका युद्ध से कच्चा तेल $100/बैरल पार | क्या और बढ़ेंगे दाम?
🟡 पेट्रोल ₹97.77,प्रति लीटर (दिल्ली)▲ ₹3.00 महंगा
🔵 डीजल ₹90.67,प्रति लीटर (दिल्ली)▲ ₹3.00 महंगा
🟢 CNG₹79.09,प्रति किलो (दिल्ली)▲ ₹2.00 महंगी
नई दिल्ली। करीब 2 साल की स्थिरता के बाद आखिरकार आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ गया। केंद्र सरकार ने 15 मई 2026 से पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम ₹3-₹3 प्रति लीटर बढ़ा दिए हैं। दिल्ली में अब पेट्रोल ₹97.77 और डीजल ₹90.67 प्रति लीटर मिलेगा। साथ ही प्रमुख शहरों में CNG भी ₹2 प्रति किलो महंगी हो गई है।
सरकारी तेल कंपनियां — IndianOil, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum — लंबे समय से अंतर्राष्ट्रीय क्रूड की ऊंची कीमतों के कारण घाटे में थीं। ईरान-अमेरिका तनाव के चलते कच्चे तेल के दाम $70 से बढ़कर $100 प्रति बैरल पार कर चुके हैं। इस बढ़ोतरी का बोझ अब सीधे उपभोक्ताओं पर डाला गया है।
📊 मुख्य बातें
- 2 साल बाद — मार्च 2024 के बाद पहली बढ़ोतरी
- दिल्ली पेट्रोल: ₹94.77 → ₹97.77
- दिल्ली डीजल: ₹87.67 → ₹90.67
- CNG दिल्ली: ₹77.09 → ₹79.09/kg
- तेल कंपनियों का मासिक घाटा: ₹30,000 करोड़
- अभी और घाटा: पेट्रोल पर ₹28, डीजल पर ₹32 और बढ़ाने की ज़रूरत
- कच्चा तेल: $70 → $100+/बैरल
- पड़ोसी देशों में पहले ही 15-20% वृद्धि हो चुकी है
💸 दाम क्यों बढ़े? — असली वजह
इस बढ़ोतरी की दो प्रमुख वजहें हैं। पहली — अंतर्राष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें। ईरान-अमेरिका युद्ध शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल $70/बैरल था जो अब $100 पार कर चुका है। वैश्विक ऊर्जा सप्लाई चेन बाधित होने से यह तेज़ी और बढ़ सकती है।
दूसरी वजह — तेल कंपनियों का विशाल घाटा। पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा के अनुसार तीनों सरकारी कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बिक्री पर हर महीने करीब ₹30,000 करोड़ का नुकसान हो रहा था।
आज समय की मांग है कि पेट्रोल, गैस और डीजल का उपयोग बहुत संयम से किया जाए। हमें आयातित पेट्रो उत्पादों का उपयोग केवल जरूरत के अनुसार ही करना चाहिए। इससे न केवल विदेशी मुद्रा बचेगी, बल्कि युद्ध के प्रतिकूल प्रभाव भी कम होंगे।— प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, तेलंगाना कार्यक्रम में
📍 प्रमुख शहरों में नई कीमतें
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) | बदलाव |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | 97.77 | 90.67 | ▲ ₹3.00 |
| मुंबई | ~104.21 | ~93.12 | ▲ ₹3.00 |
| कोलकाता | ~103.84 | ~92.38 | ▲ ₹3.00 |
| चेन्नई | ~100.74 | ~92.48 | ▲ ₹3.00 |
| जयपुर | ~107.46 | ~93.62 | ▲ ₹3.00 |
| लखनऊ | ~96.58 | ~90.07 | ▲ ₹3.00 |
| पटना | ~107.30 | ~94.62 | ▲ ₹3.00 |
🏗️ दिल्ली में पेट्रोल-डीजल का प्राइस बिल्डअप
| तत्व | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| डीलरों से लिया जाने वाला मूल्य | 77.49 | 74.42 |
| डीलर कमीशन (औसत) | 4.40 | 3.03 |
| VAT (पेट्रोल 19.4%) | 15.88 | 13.22 |
| 🔴 रिटेल सेलिंग प्राइस | ₹97.77 | ₹90.67 |
🏠 आम आदमी पर क्या असर?
महंगा माल ढुलाई
ट्रक और टेम्पो का किराया बढ़ेगा — सब्जियां, फल और राशन महंगे होंगे।
किसानों पर बोझ
ट्रैक्टर और पंपिंग सेट महंगे होंगे — अनाज की लागत और बढ़ेगी।
बस-ऑटो किराया
सार्वजनिक परिवहन और स्कूल बसों के किराए में इजाफा हो सकता है।
महंगाई
डीजल महंगा होने का सीधा असर हर वस्तु की कीमत पर पड़ता है।
⚠️ क्या अभी और बढ़ेंगे दाम?
⚠️ एक्सपर्ट की चेतावनी: ₹3 की बढ़ोतरी पर्याप्त नहीं है। Break-even तक पहुंचने के लिए कंपनियों को पेट्रोल में ₹28/लीटर और डीजल में ₹32/लीटर और बढ़ोतरी की ज़रूरत है। फिलहाल पेट्रोल पर 29.5% और डीजल पर 36.5% की कमी बनी हुई है।
अगर ईरान युद्ध के कारण ग्लोबल एनर्जी मार्केट में सप्लाई इसी तरह प्रभावित रही, तो आने वाले महीनों में और भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
📜 2024 से क्यों स्थिर थे दाम?
देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मार्च 2024 से स्थिर बनी हुई थीं। लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले सरकार ने कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की कटौती कर जनता को राहत दी थी।
सरकार ने इससे पहले स्पेशल एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपए की कटौती की थी — पेट्रोल पर ड्यूटी ₹13 से घटाकर ₹3 और डीजल पर शून्य कर दी गई थी। इस कदम से कंपनियों को घाटे में काम करना पड़ रहा था।
✅ पड़ोसी देशों से अभी भी सस्ता: पाकिस्तान, नेपाल और श्रीलंका में पेट्रोल-डीजल 15-20% तक महंगे हो चुके थे। भारत में यह बढ़ोतरी उनसे काफी कम है।
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