Pahalgam Attack NIA Charge Sheet ने कश्मीर के पहलगाम (बैसरन घाटी) में हुए आतंकी हमले की रूह कंपा देने वाली परतें खोल दी हैं। एनआईए (NIA) द्वारा दाखिल चार्जशीट के अनुसार, बैसरन में हुए हमले को अंजाम देने वाले तीन पाकिस्तानी आतंकियों को स्थानीय स्तर पर भारी मदद मिली थी। घोड़े चलाने वाले बशीर अहमद और परवेज अहमद ने न केवल इन आतंकियों को अपनी झोपड़ी (ढोक) में पनाह दी, बल्कि उन्हें सुरक्षाबलों की मूवमेंट और अमरनाथ यात्रा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी भी मुहैया कराई।
यह हमला महज एक आकस्मिक घटना नहीं थी, बल्कि पाकिस्तान में बैठे लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर साजिद सैफुल्लाह जट्ट उर्फ अली भाई द्वारा रची गई एक “Massive” साजिश थी। चार्जशीट में स्पष्ट किया गया है कि स्थानीय मददगारों को पता था कि वे आतंकी हैं, फिर भी उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को इसकी सूचना नहीं दी और आतंकियों को सुरक्षित निकलने में मदद की।
चावल, खजूर और सिगरेट: कैसे हुई आतंकियों की खातिरदारी?
Pahalgam Attack NIA Charge Sheet के मुताबिक, 21 अप्रैल 2025 की रात आतंकियों के लिए किसी दावत से कम नहीं थी। बशीर अहमद ने तीन हथियारबंद आतंकियों को अपने भांजे परवेज के ढोक में छिपाया। वहां आतंकियों ने न केवल चाय पी, बल्कि विशेष रूप से चावल और टमाटर की सब्जी बनवाई। आतंकियों के पास पाकिस्तान से लाए गए खजूर, सिगरेट और टॉफियां भी थीं।
जांच में यह भी सामने आया कि आतंकियों ने जाते समय राशन और बर्तन भी साथ लिए:
- पॉलिथीन में पैक की गई 10 रोटियां और सब्जी।
- ढोक से हल्दी, मिर्च, नमक और एक पतीला-करछी की चोरी।
- रहने के लिए बड़ी पॉलिथीन और कंबलों का इस्तेमाल।
- परवेज को इनाम के तौर पर दिए गए ₹3,000।
1113 गवाहों की गवाही: एनआईए ने बुना जांच का जाल
Pahalgam Attack NIA Charge Sheet तैयार करने के लिए एनआईए ने अब तक की सबसे विस्तृत जांच प्रक्रिया अपनाई है। जांच के दौरान कुल 1,113 गवाहों के बयान दर्ज किए गए, जिनमें 543 ढोक में रहने वाले लोग, 117 पोनी वाले और 25 टैक्सी ड्राइवर शामिल थे।

28 जुलाई, 2025 को श्रीनगर के डाचीगाम की महादेव हिल्स में सिक्योरिटी फोर्स और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। इसमें तीन आतंकवादी मारे गए
एनआईए ने गवाह ‘X-1’ की पहचान उजागर किए बिना उसकी गवाही को मुख्य आधार बनाया है, जिसने बशीर और परवेज को आतंकियों के साथ टहलते देखा था। इसके अलावा, मौके से बरामद कंबलों और कपड़ों पर मिले डीएनए (DNA) प्रोफाइल का मिलान आरोपियों से हो गया है, जो इस केस में एक “Breakthrough” साबित हुआ है।
पाकिस्तान कनेक्शन: साजिद जट्ट और अल्पाइन क्वेस्ट ऐप का खेल
Pahalgam Attack NIA Charge Sheet में पाकिस्तान के नापाक इरादों का “Official” प्रमाण दिया गया है। हमले का मास्टरमाइंड साजिद जट्ट पाकिस्तान से सीधे ‘सुलेमान’ नामक आतंकी के संपर्क में था। आतंकियों के फोन में ‘Alpine Quest App’ पाया गया, जो बिना इंटरनेट के भी को-ऑर्डिनेट्स के जरिए लोकेशन ट्रैक कर सकता है। इस ऐप में बैसरन घाटी की लोकेशन पहले से सेट थी।
सुरक्षा बलों ने 28 जुलाई 2025 को महादेव हिल्स मुठभेड़ में इन तीनों आतंकियों को ढेर कर दिया था। उनके पास से मिले ‘GoPro’ कैमरे और मोबाइल डेटा के विश्लेषण से पता चला कि यही आतंकी पूर्व में वायुसेना के वाहनों और शिव खोड़ी यात्रियों पर हुए हमलों में भी शामिल थे।
क्या आतंकवाद के खिलाफ यह एक निर्णायक मोड़ है?
Pahalgam Attack NIA Charge Sheet अब जम्मू की विशेष अदालत में ट्रायल स्टेज पर है। यह केस न केवल आतंकियों को सजा दिलाने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि उन ‘सफेदपोश’ मददगारों के लिए भी एक सबक है जो देश के भीतर रहकर दुश्मनों की मदद करते हैं। कश्मीर में पर्यटन को चोट पहुंचाने और डर का माहौल बनाने की पाकिस्तान की यह चाल फिलहाल बेनकाब हो चुकी है।

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