शतरंज की दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित आयोजनों में से एक नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में भारत के युवा स्टार और वर्तमान वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश (D Gukesh) के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। टूर्नामेंट के चौथे राउंड में गुकेश का सामना दुनिया के नंबर-1 चेस खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन (Magnus Carlsen) से हुआ।
गुरुवार को खेले गए इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले में मैग्नस कार्लसन ने शानदार खेल दिखाते हुए डी गुकेश को शिकस्त दी। इस लगातार तीसरी हार के बाद भारतीय ग्रैंडमास्टर गुकेश अंक तालिका (स्टैंडिंग्स) में सबसे निचले पायदान पर खिसक गए हैं।
टूर्नामेंट के शुरुआती दौर से ही डी गुकेश अपनी लय हासिल करने के लिए संघर्ष करते नजर आ रहे हैं। इस मैच से पहले भी उन्हें लगातार दो हार का सामना करना पड़ा था।
चौथे राउंड में मिली इस करारी शिकस्त के बाद गुकेश कुल 3.5 अंकों के साथ टूर्नामेंट की अंक तालिका में सबसे आखिरी स्थान पर पहुंच गए हैं। वहीं, शुरुआती तीन राउंड में संघर्ष करने वाले 7 बार के नॉर्वे चेस चैंपियन मैग्नस कार्लसन अब 4.5 अंकों के साथ चौथे स्थान पर आ गए हैं।
मैग्नस कार्लसन ने काले मोहरों से दी मात: आक्रामक रणनीति पड़ी भारी
मुकाबले में मैग्नस कार्लसन काले मोहरों (Black Pieces) के साथ खेल रहे थे। इसके बावजूद उन्होंने खेल पर अपनी पकड़ कमजोर नहीं होने दी और गुकेश को संभलने का मौका नहीं दिया।
डी गुकेश की जरूरत से ज्यादा आक्रामक ओपनिंग ➔ मैग्नस कार्लसन ने उठाया फायदा ➔ काले मोहरों से खेलते हुए कार्लसन की जीत ➔ गुकेश अंक तालिका में सबसे नीचे खिसके
मैच के बाद दिए गए अपने इंटरव्यू में कार्लसन ने कहा कि वे गुकेश की ओपनिंग रणनीति को देखकर काफी हैरान थे। कार्लसन के मुताबिक, भारतीय खिलाड़ी ने जरूरत से ज्यादा आक्रामक (Aggressive) खेल दिखाया, जिसकी इस मोड़ पर जरूरत नहीं थी। गुकेश की इसी जल्दबाजी और आक्रामकता का फायदा कार्लसन को मिला और उन्होंने आसानी से मैच अपने नाम कर लिया। आर प्रज्ञानानंदा का जलवा कायम: आर्मगेडन टाईब्रेक में मात्र 17 चालों में दर्ज की जीत {#section3}
जहां एक तरफ गुकेश के लिए यह राउंड निराशाजनक रहा, वहीं भारत के दूसरे युवा ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा (R Praggnanandhaa) ने टूर्नामेंट में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा है। पिछले मुकाबले में मैग्नस कार्लसन को धूल चटाने वाले प्रज्ञानानंदा ने चौथे राउंड में जर्मनी के विन्सेंट कीमर को मात दी।
क्लासिकल मैच ड्रॉ होने के बाद मुकाबला आर्मगेडन टाईब्रेक (Armageddon Tiebreak) में पहुंचा। यहाँ प्रज्ञानानंदा ने अपने अदम्य कौशल का परिचय देते हुए मात्र 17 चालों में विन्सेंट कीमर को आत्मसमर्पण करने पर मजबूर कर दिया। इस धमाकेदार जीत के साथ प्रज्ञानानंदा 6 अंकों के साथ अंक तालिका में मजबूती से दूसरे स्थान पर बने हुए हैं। फिलहाल फ्रांस के अलीरेजा फिरोजा 8.5 अंकों के साथ शीर्ष (Top) पर काबिज हैं।
महिला वर्ग का हाल: दिव्या देशमुख को मिली पहली हार, कोनेरू हम्पी सबसे नीचे
नॉर्वे चेस के महिला वर्ग (Women’s Section) में भी भारतीय खिलाड़ियों के लिए मिला-जुला दिन रहा:
महिला वर्ग के परिणाम: भारत की उभरती हुई खिलाड़ी दिव्या देशमुख को इस टूर्नामेंट में पहली बार आर्मगेडन टाईब्रेक में हार का स्वाद चखना पड़ा। उन्हें डिफेंडिंग चैंपियन अन्ना मुजिचुक ने हराया। इस हार के बाद भी दिव्या 5.5 अंकों के साथ संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर बनी हुई हैं। दूसरी ओर, भारत की सबसे अनुभवी खिलाड़ी कोनेरू हम्पी का खराब फॉर्म यहां भी जारी रहा और वे अंक तालिका में आखिरी स्थान पर बनी हुई हैं।
नॉर्वे चेस टूर्नामेंट के सभी खिलाड़ियों के लाइव पॉइंट्स, राउंड-वार रैंकिंग और आधिकारिक स्कोरकार्ड को विस्तार से देखने के लिए आप Norway Chess Official Portal की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं।


