Nishu Grover Panipat CM Award

Nishu Grover Panipat CM Award: हरियाणा की बेटी का कमाल! पानीपत की निशु ग्रोवर को मुख्यमंत्री नायब सैनी करेंगे सम्मानित; जानें नौल्था गांव की इस ‘सुपरवुमन’ की कहानी

मतलौडा (पानीपत): हरियाणा की माटी से निकली प्रतिभाएं आज हर क्षेत्र में प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं। इसी कड़ी में पानीपत जिले के गांव नौल्था की रहने वाली निशु ग्रोवर (Nishu Grover) को उनके उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा सम्मानित किया जाएगा। Nishu Grover Panipat CM Award की यह घोषणा हिसार की चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि यूनिवर्सिटी (HAU) में होने वाले एक विशेष कार्यक्रम के लिए की गई है।

📍 हिसार में होगा सम्मान समारोह

निशु ग्रोवर को कृषि विभाग के ऊझा केंद्र से फोन पर इस गौरवशाली क्षण की सूचना मिली है। मुख्यमंत्री उन्हें विशेष रूप से सिलाई के क्षेत्र में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित करेंगे। 12वीं पास निशु ने साबित कर दिया है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो सीमित संसाधनों में भी बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।


सिलाई से सशक्तिकरण तक का सफर (Nishu Grover’s Journey)

nishu grover

निशु ग्रोवर की कहानी संघर्ष और सेवा की एक मिसाल है। उन्होंने अपनी सफलता के सफर को इन चरणों में पूरा किया:

  1. कौशल विकास: निशु ने कृषि विभाग के ऊझा केंद्र से प्रोफेशनल सिलाई सीखी।
  2. मुफ्त शिक्षा: हुनर सीखने के बाद उन्होंने इसे अपने तक सीमित नहीं रखा, बल्कि अपने घर पर ही गांव की लड़कियों को मुफ्त सिलाई सिखाना शुरू किया।
  3. आत्मनिर्भरता: उन्होंने गरीब महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने के लिए एक CSC (Common Service Center) खोला, जहाँ वे सरकारी योजनाओं के फॉर्म भरने में महिलाओं की मदद करती हैं।

🤝 ‘जय भीम’ ग्रुप और सामूहिक प्रयास

Nishu Grover Panipat CM Award के पीछे उनके द्वारा गठित स्वयं सहायता समूह का भी बड़ा हाथ है।

  • निशु ने सरकार की सहायता से ‘जय भीम’ ग्रुप का गठन किया।
  • इस ग्रुप के माध्यम से उन्हें सरकारी वित्तीय सहायता प्राप्त हुई, जिससे उन्होंने अपने घर पर ही कपड़े की एक दुकान शुरू की।
  • आज वे न केवल अपना घर चला रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा कर रही हैं।

🏠 साधारण परिवार, असाधारण सोच

निशु एक बहुत ही साधारण परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पति एक प्राइवेट फैक्ट्री में काम करते हैं। निशु और उनके पति मिलकर कड़ी मेहनत से अपने दो बच्चों (एक लड़का और एक लड़की) का पालन-पोषण कर रहे हैं। उनकी यह उपलब्धि दर्शाती है कि समाज सेवा के लिए धन से ज्यादा ‘धैर्य’ और ‘नेक नियत’ की जरूरत होती है।

हरियाणा (पानीपत) के लाल उदय शर्मा बने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट: NSG कमांडो मामा की प्रेरणा और NCC की मेहनत लाई रंग click here