नई दिल्ली/जयपुर। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET PAPER LEAK 2026, जो 3 मई को आयोजित हुई, एक बार फिर पेपर लीक के दलदल में फंस गई है। राजस्थान के चूरू जिले से शुरू हुई इस लीक की जड़ें महाराष्ट्र के नासिक, केरल और झारखंड तक फैली हुई हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि परीक्षा से दो दिन पहले पर्चा ₹5 लाख तक में बेचा गया और परीक्षा के एक दिन पहले दाम घटकर ₹30,000 रह गए।
NEET PAPER LEAK 2026 लीक — पूरा मामला क्या है?
जांच एजेंसियों के मुताबिक, राजस्थान के चूरू जिले का एक MBBS छात्र जो केरल के मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहा है, इस पूरे जाल का केंद्र बिंदु है। उसने 1 मई को हस्तलिखित लीक सामग्री सीकर के एक साथी को भेजी, जहां से कोचिंग नेटवर्क के जरिए यह व्हाट्सएप ग्रुप्स में फैल गई।
राजस्थान SOG ने जयपुर, जामवारामगढ़, सीकर और अन्य जिलों में लगातार छापेमारी कर करीब 15 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। महाराष्ट्र के नासिक से शुभम खैरनार (30) को एक संयुक्त ऑपरेशन में पकड़ा गया।
हमने मामला CBI को सौंप दिया है। सभी आरोपी पकड़े जाएंगे और जेल भेजे जाएंगे ताकि छात्रों का भविष्य खराब न हो। री-एग्जाम पारदर्शी तरीके से कराया जाएगा।— NTA महानिदेशक, प्रेस कॉन्फ्रेंस, 13 मई 2026
NEET PAPER LEAK 2026 — घटनाक्रम (Timeline)
1 मई =चूरू से सीकर — हस्तलिखित पर्चा भेजा गया
केरल में पढ़ने वाले चूरू के MBBS छात्र ने हस्तलिखित लीक सामग्री सीकर भेजी।शुरुआती लीक
1-2 मई=₹5 लाख में बिका पर्चा, फिर ₹30,000
कोचिंग नेटवर्क और करियर काउंसलर के जरिए व्हाट्सएप ग्रुप्स में फैला। परीक्षा से 2 दिन पहले ₹5 लाख, 1 दिन पहले ₹30,000।₹5 लाख तक कीमत
3 मई=NEET UG 2026 परीक्षा — शिकायतें मिलीं
परीक्षा संपन्न, लेकिन NTA को लीक की कई शिकायतें मिलीं। SOG ने जांच शुरू की।परीक्षा दिवस
5-11 मई=SOG की छापेमारी — 15+ गिरफ्तारियां
जयपुर, सीकर, झुंझुनू और नासिक (महाराष्ट्र) में रेड। शुभम खैरनार समेत 15+ गिरफ्तार, 45+ से पूछताछ।5 राज्यों में ऑपरेशन
12 मई=CBI ने संभाली कमान
केंद्र सरकार ने मामला CBI को सौंपा। CBI टीम रात को जयपुर SOG पहुंची, FIR दर्ज, पूरे दस्तावेज और सबूत ट्रांसफर।CBI जांच शुरू
जल्द री-एग्जाम की घोषणा संभव
NTA ने री-एग्जाम का संकेत दिया। तारीख अभी तय नहीं।आने वाला कदम
👤 NEET 2024 लीक के मुख्य आरोपी — अब कहां हैं?
2024 के NEET पेपर लीक में CBI ने 45 आरोपियों के खिलाफ 5 चार्जशीट दाखिल की थीं। लेकिन असली कहानी अब शुरू होती है —
| आरोपी | भूमिका | गिरफ्तारी | वर्तमान स्थिति |
|---|---|---|---|
| संजीव मुखिया (संजीव कुमार सिंह) | कथित मास्टरमाइंड, पेपर लीक गैंग का सरगना | अप्रैल 2025 (Bihar EOU) | डिफॉल्ट बेल — जमानत पर बाहर CBI 90 दिन में चार्जशीट दाखिल न कर सका |
| पंकज कुमार उर्फ आदित्य | NTA के ट्रंक से पर्चा चुराया (हजारीबाग) | जुलाई 2024 (CBI) | न्यायिक हिरासत |
| राजू सिंह | पंकज का सहयोगी, पर्चा गैंग तक पहुंचाया | जुलाई 2024 (CBI) | न्यायिक हिरासत |
| बिहार के 13 आरोपी | 35 छात्रों को पेपर + आंसर देना | मई-जून 2024 (Bihar EOU) | चार्जशीट, ट्रायल जारी |
| Bharatpur Medical College के 2 MBBS छात्र | लीक सामग्री का उपयोग, हजारीबाग में मौजूद | जुलाई 2024 (CBI) | ट्रायल जारी |
संजीव मुखिया को जमानत क्यों मिली? CBI को 90 दिन के भीतर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करनी होती है। ऐसा न होने पर आरोपी को “डिफॉल्ट बेल” का अधिकार मिल जाता है। CBI को मुखिया की इस गैंग में भूमिका को लेकर “संदेह” था, इसलिए चार्जशीट समय पर नहीं दाखिल हो सकी। हालांकि वह Bihar BPSC और अन्य 3 मामलों में अभी भी बेउर जेल में बंद है।
📜 भारत में 10 साल का पेपर लीक इतिहास (2015–2026)
Tribune India की रिपोर्ट के अनुसार, 2015 से 2024 के बीच भारत में 50 से अधिक सार्वजनिक परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं। अकेले राजस्थान में 14 और गुजरात में 14 मामले दर्ज हैं।
| साल | परीक्षा | राज्य/स्तर | क्या हुआ |
|---|---|---|---|
| 2015 | AIPMT (अब NEET) | राष्ट्रीय | 10 राज्यों में पेपर लीक, SC ने रद्द किया |
| 2016 | NEET Phase 1 | राष्ट्रीय | लीक हुआ, गिरफ्तारियां हुईं |
| 2017 | SSC परीक्षा | केंद्रीय | History-Polity पेपर लीक, 3 गिरफ्तार |
| 2018 | CBSE 10th-12th | दिल्ली/राष्ट्रीय | Maths-Economics WhatsApp पर लीक, official portal से |
| 2021 | UPTET, UP PET | उत्तर प्रदेश | 2 बड़े पेपर लीक, परीक्षाएं रद्द |
| 2022 | REET | राजस्थान | शिक्षक भर्ती पेपर लीक, परीक्षा रद्द |
| 2023 | Bihar Constable, BPSC | बिहार | एकाधिक परीक्षाएं प्रभावित, संजीव मुखिया गैंग |
| 2024 | NEET UG 2024 | राष्ट्रीय | हजारीबाग NTA ट्रंक से पर्चा चोरी, 45 आरोपी, 5 चार्जशीट, CBI जांच |
| 2026 | NEET UG 2026 | राष्ट्रीय | चूरू-सीकर-नासिक नेटवर्क, 15+ गिरफ्तार, CBI जांच जारी |
नया कानून — फिर भी लीक क्यों?
केंद्र सरकार ने 2024 में “Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act 2024” पास किया था। इसमें पेपर लीक के दोषियों को 3-10 साल जेल और ₹1 करोड़ तक जुर्माना का प्रावधान है। लेकिन NEET PAPER LEAK 2026 दिखाता है कि सिर्फ कानून बनाने से काम नहीं चलता — जब तक NTA की internal security और exam center management में बुनियादी बदलाव नहीं आते।
NTA ने 2025 में 1,500 से ज्यादा फर्जी लीक क्लेम की जांच की, 135 टेलीग्राम चैनल और 32 इंस्टाग्राम हैंडल बंद कराए — फिर भी असली लीक रोकने में नाकाम रहे।
छात्रों के लिए ज़रूरी जानकारी
री-एग्जाम: NTA ने री-एग्जाम का संकेत दिया है। Official Website nta.ac.in और neet.nta.nic.in पर नज़र रखें।
लीक की रिपोर्ट कहां करें: NTA ने एक Suspicious Claims Reporting Portal लॉन्च किया है जहां कोई भी संदिग्ध जानकारी रिपोर्ट कर सकता है।
सोशल मीडिया से सावधान: Telegram/WhatsApp पर लीक पेपर का दावा करने वाले ग्रुप्स से दूर रहें — इन पर “Public Examinations Act 2024” के तहत कार्रवाई हो रही है।
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