ईरान ने 11 मार्च को फारस की खाड़ी में अमेरिकी जहाज 'सीसेफ विष्णु' पर भी हमला किया था

israel iran war : ईरान का अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर पर मिसाइल अटैक का दावा

तेहरान/वॉशिंगटन/तेल अवीव: अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी भीषण जंग आज 14वें दिन में प्रवेश कर गई है। यह केवल दो देशों का टकराव नहीं है, बल्कि i israel iran war अब पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा खतरा बन गई है। 13 मार्च 2026 तक के ताजा हालात इशारा कर रहे हैं कि यह युद्ध अब सीधे टकराव के उस मोड़ पर है जहाँ से वापसी नामुमकिन लग रही है।

🚢 USS अब्राहम लिंकन पर हमला: दावों और हकीकत के बीच तनाव

ईरानी सेना की स्पेशल यूनिट इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक ऐसा दावा किया है जिसने पूरी दुनिया में सनसनी फैला दी है। IRGC का दावा है कि उन्होंने फारस की खाड़ी में तैनात अमेरिका के विशालकाय एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन पर मिसाइलों और ड्रोन्स से हमला किया है।

  • नुकसान का दावा: ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले में अमेरिकी शिप को भारी नुकसान पहुँचा है और वह अब पीछे हटकर अमेरिका की तरफ लौट रहा है।
  • सच्चाई क्या है? हालांकि, अमेरिकी सरकार या पेंटागन की तरफ से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। यह दावा i israel iran war के बीच मनोवैज्ञानिक युद्ध (Psychological Warfare) का हिस्सा भी हो सकता है, लेकिन अगर यह सच है, तो यह अमेरिका के लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका होगा।

इसके साथ ही ईरान ने 11 मार्च को एक अन्य अमेरिकी जहाज ‘सीसेफ विष्णु’ पर भी हमले का दावा किया है।


✈️ इराक में अमेरिकी सैन्य विमान क्रैश: अमेरिका को एक और बड़ा झटका

युद्ध के बीच अमेरिका की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। इराक में अमेरिका का एक मिलिट्री प्लेन बोइंग KC-135 क्रैश हो गया है। इराक के एक शिया विद्रोही गुट ने इस विमान को मार गिराने की जिम्मेदारी ली है, जिससे अमेरिका की सैन्य शक्ति पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। यह घटना israel iran war में अमेरिका की सीधी संलिप्तता और उसके सैनिकों पर बढ़ते खतरों को उजागर करती है।


🩺 ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई की हालत नाजुक: कटे पैर और कोमा का दावा

ईरान के भीतर से आ रही खबरें और भी भयावह हैं। ब्रिटिश मीडिया ‘द सन’ के मुताबिक, ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई कोमा में हैं।

  • पैर काटना पड़ा: रिपोर्ट्स के अनुसार, 28 फरवरी को हुए हमले में मुजतबा इतने गंभीर रूप से घायल हुए कि डॉक्टरों को उनका एक पैर काटना पड़ा। उनके लिवर को भी भारी नुकसान पहुँचने की बात कही गई है।
  • ट्रम्प का बयान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी एक इंटरव्यू में कहा है कि मुजतबा जिंदा तो हैं लेकिन गंभीर रूप से घायल हैं। वे तेहरान के सिना यूनिवर्सिटी अस्पताल में कड़ी सुरक्षा के बीच भर्ती हैं।

israel iran war के बीच ईरान में नेतृत्व का यह संकट स्थिति को और भी अस्थिर बना सकता है।


🚀 लेबनान में इजराइल का जमीनी हमला शुरू: टैंक सीमा पार

इजराइल ने अब रक्षात्मक के बजाय पूरी तरह आक्रामक रुख अपना लिया है। प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने लेबनान में जमीनी सैन्य कार्रवाई (Ground Operation) का आदेश दे दिया है। इजराइली टैंक और सैनिक अब सीमा पार कर हिजबुल्लाह के ठिकानों को खत्म करने के लिए लेबनान में दाखिल हो रहे हैं। इजराइल का कहना है कि यह कदम अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी है क्योंकि हिजबुल्लाह लगातार इजराइली शहरों को निशाना बना रहा है।

🛢️ भारत के लिए राहत: मुंबई पहुँचा तेल का टैंकर

जंग के इस घने अंधेरे के बीच भारत के लिए एक अच्छी खबर आई है। होर्मुज स्ट्रेट में भारी तनाव और हमलों के बावजूद ‘सीलिन एक्सप्रेस’ नाम का टैंकर 13.5 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर सुरक्षित मुंबई पहुँच गया है। पकड़े जाने के डर से इस जहाज ने अपना लोकेशन सिस्टम (AIS) बंद कर दिया था, जिसे ‘डार्क मोड’ कहा जाता है। इससे भारत में तेल की किल्लत का डर फिलहाल कम हुआ है, लेकिन israel iran war के लंबे खिंचने पर यह संकट फिर गहरा सकता है।


💡 निष्कर्ष: क्या रुक पाएगी यह तबाही?

13 मार्च 2026 के ये हालात इशारा कर रहे हैं कि यह युद्ध अब केवल मिसाइलों और बयानों तक सीमित नहीं रहा। अमेरिका के विमानों का गिरना, एयरक्राफ्ट कैरियर पर हमला और ईरान के सुप्रीम लीडर का कोमा में जाना, यह दिखाता है कि israel iran war अब उस बिंदु पर पहुँच गई है जहाँ कूटनीति के लिए बहुत कम जगह बची है। अगर इसे तुरंत नहीं रोका गया, तो दुनिया एक ऐसे विनाशकारी युद्ध की ओर बढ़ सकती है जिसकी भरपाई संभव नहीं होगी। ‘सच्च का समय’ की ओर से हम शांति की अपील करते हैं।