हरियाणा के नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए एक बहुत बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव होने जा रहा है। करनाल का ऐतिहासिक बसताड़ा टोल प्लाजा हरियाणा का पहला ऐसा टोल बनने जा रहा है, जहां 23 जून 2026 से पूरी तरह बैरियर-फ्री व्यवस्था लागू हो जाएगी। इस नई तकनीक को मल्टी लेन फ्री फ्लो (MLFF) सिस्टम नाम दिया गया है।
इस व्यवस्था के लागू होते ही अब वाहन चालकों को टोल पर रुकने, लंबी कतारों में लगने या बूम बैरियर खुलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। sachksameynews.in की इस विशेष ग्राउंड रिपोर्ट में टोल मैनेजर मुकेश कुमार से हुई बातचीत के आधार पर जानिए क्या है बसताड़ा टोल प्लाजा एमएलएफएफ सिस्टम और इससे आपकी जेब और सफर पर क्या असर पड़ेगा।
टेबल ऑफ कंटेंट (Table of Content)
- 1. क्या है MLFF सिस्टम और यह कैसे काम करता है?
- 2. बिना फास्टैग या बिना बैलेंस वाले वाहनों के लिए नियम
- 3. चालान और जुर्माना: नंबर प्लेट से छेड़छाड़ पड़ेगी भारी
- 4. स्थानीय निवासियों (Local Pass) के लिए नई रियायतें
- 5. नकद भुगतान बंद और रोजगार पर असर
1. क्या है MLFF सिस्टम और यह कैसे काम करता है?
मल्टी लेन फ्री फ्लो (MLFF) एक अत्याधुनिक, बैरियर-फ्री इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम है। इस नई व्यवस्था के तहत टोल प्लाजा से सभी फिजिकल बूथ और बूम बैरियर पूरी तरह हटा दिए जाएंगे।
- हाईटेक कैमरों का जाल: सड़क के ऊपर एक विशाल लोहे का ढांचा (गैंट्री) लगाया गया है, जिस पर हाई-रेजोल्यूशन एएनपीआर (ANPR) कैमरे, आरएफआईडी (RFID) रीडर, लाइडार (LiDAR) सेंसर और एक्सल डिटेक्टर लगाए गए हैं।
- स्पीड की कोई सीमा नहीं: जब कोई वाहन सामान्य या तेज गति से इस क्षेत्र से गुजरेगा, तो ये सेंसर पलक झपकते ही वाहन की नंबर प्लेट को पढ़ लेंगे और फास्टैग को स्कैन कर लेंगे। ट्रायल के दौरान 120 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ने वाली कारों को भी इस सिस्टम ने सफलतापूर्वक ट्रैक किया है।
2. बिना फास्टैग या बिना बैलेंस वाले वाहनों के लिए नियम
यदि आप बिना फास्टैग के या ब्लैकलिस्टेड फास्टैग के साथ बसताड़ा टोल से गुजरते हैं, तो अब आपको वहां रोकने वाला कोई बैरियर नहीं होगा, लेकिन आप डिजिटल निगरानी से बच नहीं पाएंगे।
ई-नोटिस की व्यवस्था: फास्टैग न होने या उसमें पर्याप्त बैलेंस न होने की स्थिति में हाईटेक कैमरे आपकी नंबर प्लेट के आधार पर वाहन मालिक के रजिस्टर्ड पते और मोबाइल नंबर पर एक ई-नोटिस (E-Notice) भेजेंगे।
- भुगतान की समय सीमा: ई-नोटिस जारी होने के बाद वाहन मालिक को बकाया टोल राशि चुकाने के लिए 72 घंटे (3 दिन) का समय दिया जाएगा।
- देरी पर जुर्माना: यदि कोई वाहन चालक 72 घंटे के भीतर ऑनलाइन माध्यम से भुगतान नहीं करता है, तो टोल की राशि को दोगुना किया जा सकता है और भारी अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
3. चालान और जुर्माना: नंबर प्लेट से छेड़छाड़ पड़ेगी भारी
टोल टैक्स की चोरी रोकने के लिए इस डिजिटल सिस्टम को बेहद सख्त बनाया गया है। कुछ वाहन चालक टोल से बचने के लिए नंबर प्लेट पर मिट्टी लगा देते हैं या अक्षरों से छेड़छाड़ करते हैं, लेकिन अब ऐसा करना भारी पड़ेगा।
- आरटीओ (RTO) द्वारा सीधा चालान: यदि सिस्टम को कोई ऐसी नंबर प्लेट दिखती है जिससे छेड़छाड़ की गई है या वाहन बिना नंबर प्लेट के गुजर रहा है, तो एआई (AI) कैमरे तुरंत उसकी इमेज कैप्चर कर परिवहन विभाग को भेज देंगे। इसके बाद आरटीओ के माध्यम से वाहन मालिक का सीधा कोर्ट का चालान काटा जाएगा।
- फास्टैग ब्लैकलिस्ट: लंबे समय तक बकाया टोल न चुकाने वाले वाहनों के फास्टैग को हमेशा के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा, जिससे वे देश के किसी भी अन्य टोल से नहीं गुजर पाएंगे।
4. स्थानीय निवासियों (Local Pass) के लिए नई रियायतें
करनाल और आसपास के स्थानीय वाहन चालकों के लिए राहत की बात यह है कि लोकल पास की सुविधा इस नए डिजिटल ढांचे में भी बरकरार रखी गई है।
- 20 किलोमीटर का दायरा: टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय निवासियों के लिए ₹350 का मासिक पास प्रस्तावित किया गया है।
- अनलिमिटेड ट्रिप्स: यह पास पूरे कैलेंडर महीने के लिए वैध होगा और स्थानीय लोग महीने में कितनी भी बार बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के टोल पार कर सकेंगे।
- केवल प्राइवेट वाहनों को छूट: ध्यान रहे कि यह मासिक पास की सुविधा केवल निजी (नॉन-कॉमर्शियल) वाहनों के लिए ही लागू होगी। सभी कमर्शियल वाहनों को सामान्य दर से ही टैक्स देना होगा। हालांकि, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और सरकारी अधिकृत वाहनों को इस टैक्स से पूरी तरह मुक्त रखा गया है।
5. नकद भुगतान बंद और रोजगार पर असर
बसताड़ा टोल प्लाजा एमएलएफएफ सिस्टम लागू होने के बाद हाईवे के संचालन में कुछ बड़े आर्थिक और सामाजिक बदलाव भी देखने को मिलेंगे:
| मुख्य विषय | परिवर्तन और प्रभाव का विश्लेषण |
| कैश काउंटर पूरी तरह बंद | इस टोल पर अब नकद (Cash) भुगतान का कोई विकल्प नहीं रहेगा। संपूर्ण लेनदेन केवल शत-प्रतिशत ऑनलाइन और डिजिटल मोड में ही होगा। |
| रोजगार पर असर | टोल बूथ हटने के कारण मैनपावर की जरूरत बहुत कम हो जाएगी। अनुमान के मुताबिक, लगभग 200 से 250 टोल कर्मियों के रोजगार पर इसका सीधा असर पड़ेगा। |
| नया स्टाफ | अब टोल प्लाजा पर केवल तकनीकी एक्सपर्ट्स, आईटी टीम, प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था के लिए ही सीमित स्टाफ तैनात रहेगा। |
आपको बता दें कि पूरे भारत में अब तक केवल तीन टोल प्लाजा पर ही यह प्रयोग किया गया है। 23 जून से चालू होने के बाद करनाल का बसताड़ा टोल प्लाजा देश का चौथा और हरियाणा का पहला शत-प्रतिशत फ्री-फ्लो टोल प्लाजा बन जाएगा।
हरियाणा के परिवहन और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े ऐसे ही लाइव और प्रामाणिक कूटनीतिक अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट sachksameynews.in को रोजाना विजिट करें। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के आधिकारिक नियमों को जानने के लिए आप National Highways Authority of India (NHAI) की आधिकारिक वेबसाइट पर भी जा सकते हैं।




