Tripura Student Nirbhaya like Brutality

इंसानियत शर्मसार: गुरुग्राम में ‘निर्भया’ जैसी दरिंदगी, लिव-इन पार्टनर ने पार की हैवानियत की सारी हदें

यह खबर सिर्फ एक अपराध की रिपोर्ट नहीं है, बल्कि मानवता के माथे पर एक गहरा कलंक है। गुरुग्राम से सामने आई यह घटना सोचने पर मजबूर कर देती है कि क्या हम वाकई एक सभ्य समाज में रह रहे हैं? एक 19 साल की छात्रा, जो आंखों में सुनहरे भविष्य के सपने लेकर त्रिपुरा से गुरुग्राम आई थी, उसे क्या पता था कि जिस इंसान पर वह भरोसा कर रही है, वह इंसान नहीं बल्कि एक दरिंदा है।

गुरुग्राम/दिल्ली: दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती एक 19 वर्षीय युवती इस समय जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है। उसके शरीर पर एक भी हिस्सा ऐसा नहीं बचा जहाँ जख्म न हों। उसकी मां, जो उसे ‘गोरी और सुंदर’ कहकर पुकारती थी, आज अपनी बेटी को पहचान भी नहीं पा रही है। बेटी का शरीर नीला-काला पड़ चुका है, चेहरे पर सूजन है और उसके लंबे सुंदर बाल अब डॉक्टरों को इलाज के लिए काटने पड़े हैं।

हैवानियत की वो खौफनाक दास्तां (Trigger Warning)

आरोपी शिवम ने 16 से 18 फरवरी के बीच उस मासूम बच्ची के साथ जो किया, उसे सुनकर रूह कांप जाती है:

  • लाइटर से जलाया: आरोपी ने युवती के प्राइवेट पार्ट्स पर हैंड सैनिटाइजर छिड़क कर लाइटर से आग लगा दी। यह क्रूरता एक बार नहीं, बल्कि तीन बार दोहराई गई।
  • अमानवीय कृत्य: प्रताड़ना यहीं खत्म नहीं हुई; आरोपी ने उसे यूरिन पीने पर मजबूर किया, शरीर पर चाकू से वार किए और स्टील की बोतल व मटके से उसका सिर फोड़ दिया।
  • ब्लैकमेलिंग: आरोपी ने उसके नग्न वीडियो बनाए ताकि वह किसी को कुछ बता न सके। 3 दिनों तक उसे पीजी के कमरे में बंधक बनाकर रखा गया।

ऑनलाइन डेटिंग एप से ‘मौत के जाल’ तक

  • मुलाकात: अगस्त 2025 में पीड़िता त्रिपुरा से गुरुग्राम पढ़ने आई थी। सितंबर में एक डेटिंग एप के जरिए उसकी मुलाकात शिवम से हुई।
  • भरोसा: शादी का झांसा देकर शिवम ने उसे अपने जाल में फंसाया और वे लिव-इन में रहने लगे।
  • शक और हिंसा: जनवरी 2026 से शिवम ने उस पर शक करना शुरू किया और छोटी-छोटी बातों पर बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया।

एडवोकेट का बयान: “यह रूह कपा देने वाली दरिंदगी है”

नॉर्थ ईस्ट मामलों की अधिकृत एडवोकेट रीना रॉय ने कहा कि यह मामला ‘निर्भया’ जैसी ही क्रूरता का है। डॉक्टरों के अनुसार, अगर स्टील की बोतल का वार थोड़ा और करीब होता, तो युवती अपनी आंख खो देती। उसका पूरा शरीर अंदरूनी चोटों के कारण नीला पड़ चुका है।

पुलिस कार्रवाई और कानूनी स्थिति

गुरुग्राम पुलिस ने आरोपी शिवम को गिरफ्तार कर लिया है। उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं (बलात्कार, जानलेवा हमला, अवैध रूप से बंधक बनाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने इसे ‘चिन्हित अपराध’ (Identified Crime) की श्रेणी में रखा है, ताकि फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए उसे सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।


सोचने पर मजबूर करती एक बात…

क्या एक इंसान इतना गिर सकता है कि वह अपनी पार्टनर को यूरिन पिलाए, उसे आग के हवाले कर दे और उसके मरणासन्न होने का तमाशा देखे? यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है। ऑनलाइन दुनिया के पीछे छिपे इन ‘भेड़ियों’ की पहचान करना मुश्किल होता जा रहा है।

समाज से सवाल: * क्या हम अपने बच्चों को इतना सुरक्षित माहौल दे पा रहे हैं कि वे ऐसे दरिंदों के चंगुल में न फंसें?

  • क्यों आज भी ‘character assassination’ के नाम पर पार्टनर के साथ ऐसी क्रूरता को अंजाम दिया जा रहा है?

पीड़िता की पहचान गुप्त रखी गई है। आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।