delhi-karnal metro rrts news: अब सिर्फ 90 मिनट में पूरा होगा सफर; हरियाणा कैबिनेट की मंजूरी के लिए संशोधित DPR तैयार!

Delhi-Karnal RRTS News Today

करनाल/नई दिल्ली: करनाल वासियों के लिए दिल्ली का सफर अब और भी आसान और हाई-स्पीड होने वाला है। Delhi-Karnal metro RRTS News Today के अनुसार, 136.3 किलोमीटर लंबे दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर (Namo Bharat) के लिए संशोधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर ली गई है। हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (HMRTC) की 64वीं बोर्ड बैठक में इस पर अहम चर्चा हुई है।

📍 17 स्टेशनों का होगा जाल, दिल्ली से सीधा जुड़ाव

Delhi-Karnal metro RRTS News Today की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कॉरिडोर दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होकर करनाल के नए ISBT तक जाएगा। इस रूट पर कुल 17 स्टेशन प्रस्तावित हैं, जिनमें से मुख्य स्टेशन निम्नलिखित होंगे:

 इस रूट पर कुल 17 स्टेशन प्रस्तावित हैं, जिनमें से मुख्य स्टेशन
  • दिल्ली खंड: सराय काले खां, सराय काले खां ISBT।
  • हरियाणा खंड: कुंडली, मुरथल, गन्नौर, समालखा, पानीपत और फिर करनाल।
  • करनाल में विशेष: करनाल बाईपास, करनाल सेक्टर-7 और करनाल ISBT।

⚡ रफ्तार और समय की बड़ी बचत

अभी दिल्ली से करनाल सड़क मार्ग (NH-44) से जाने में 3 से 4 घंटे का समय लगता है, लेकिन रैपिड रेल शुरू होने के बाद:

  • यात्रा का समय: दिल्ली से करनाल मात्र 90 मिनट (1.5 घंटा) में।
  • मुरथल का सफर: दिल्ली से मुरथल मात्र 30 मिनट में।
  • डिजाइन स्पीड: 180 किमी/घंटा (ऑपरेशनल स्पीड 160 किमी/घंटा)।

🏗️ जमीनी स्तर पर क्या हो रहा है? (Latest Status)

प्रोजेक्ट केवल कागजों पर नहीं है, बल्कि काम शुरू हो चुका है:

बिजली लाइनों की शिफ्टिंग: NCRTC ने नरेला से मुरथल के बीच करीब 22 किलोमीटर के हिस्से में बिजली की हाई-वोल्टेज लाइनों को हटाने का काम शुरू कर दिया है। इसके लिए फरवरी 2026 में ही टेंडर जारी किए गए थे।

कैबिनेट की मंजूरी: संशोधित DPR को अब वित्तीय मंजूरी के लिए हरियाणा कैबिनेट के पास भेजा गया है। उम्मीद है कि 24 मार्च 2026 को होने वाली अगली कैबिनेट बैठक में दिल्ली-कुंडली मेट्रो के साथ-साथ इस पर भी बड़ा फैसला हो सकता है।

प्रदूषण और जाम से राहत: अनुमान है कि इस ट्रेन के शुरू होने से सड़क से करीब 2 लाख निजी वाहन कम हो जाएंगे, जिससे दिल्ली-करनाल हाईवे पर जाम की समस्या खत्म होगी।

दिल्ली-पानीपत-करनाल RRTS प्रोजेक्ट कब तक बनकर तैयार होने का अनुमान है?

वर्तमान में इस प्रोजेक्ट की संशोधित DPR (Detailed Project Report) हरियाणा सरकार के पास मंजूरी के अंतिम चरण में है। आधिकारिक योजना और प्रोजेक्ट की गति को देखते हुए इसकी समयसीमा कुछ इस तरह रहने का अनुमान है:

  • निर्माण कार्य की शुरुआत: यदि 2026 के मध्य तक सभी वित्तीय और केंद्र सरकार की मंजूरियां मिल जाती हैं, तो जमीनी स्तर पर बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत में शुरू हो सकता है।
  • प्रोजेक्ट का लक्ष्य (Deadline): इस तरह के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को पूरा होने में आमतौर पर 4 से 5 साल का समय लगता है। इसलिए, दिल्ली से करनाल तक ‘नमो भारत’ ट्रेन के दौड़ने का अनुमानित लक्ष्य साल 2030-2031 रखा गया है।
  • चरणबद्ध शुरुआत (Phased Opening): संभावना है कि साहिबाबाद-मेरठ रूट की तरह इसे भी चरणों में खोला जाए। पहले चरण में दिल्ली से पानीपत और दूसरे चरण में पानीपत से करनाल तक की सेवा शुरू की जा सकती है।

    💡 ‘सच्च का समय’ का विश्लेषण (Impact on Karnal):

    “करनाल के लिए यह प्रोजेक्ट गेम-चेंजर साबित होगा। यहाँ के लोग अब दिल्ली में नौकरी करके शाम को वापस करनाल लौट सकेंगे। साथ ही, करनाल में प्रॉपर्टी के रेट्स और बिजनेस के अवसरों में भारी उछाल आने की उम्मीद है।”

    Abhishek Ranga is the founder and editor-in-chief of Sach Ka Samay News. With a commitment to journalistic integrity, he focuses on delivering accurate, unbiased, and real-time news to the public. He oversees the digital strategy and content management for the portal, ensuring that every story meets the highest standards of reporting