प्रयागराज/नई दिल्ली: एक तरफ जहाँ देश की सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL घाटे और नेटवर्क की समस्याओं से उबरने के लिए संघर्ष कर रही है, वहीं इसके बड़े अधिकारी ‘नवाबी’ शौक पूरे करने में व्यस्त हैं। BSNL डायरेक्टर विवेक बंजाल के प्रयागराज दौरे के लिए जारी एक आधिकारिक आदेश ने पूरे देश में गुस्से की लहर दौड़ दी है।
📋 अधिकारी की ‘निजी सेवा’ में 50 कर्मचारी तैनात
आदेश के मुताबिक, डायरेक्टर साहब के 25-26 फरवरी के दौरे के लिए करीब 50 अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। लेकिन हैरानी की बात यह है कि ये कर्मचारी कंपनी का काम नहीं, बल्कि साहब की पर्सनल जरूरतों का इंतजाम कर रहे थे।
VIP लिस्ट में शामिल शर्मनाक मांगें:
- निजी कपड़े: अंडरगारमेंट्स (अंडरवियर), तौलिया और चप्पल।
- ग्रूमिंग किट: हेयर ऑयल, कंघी, शीशा, शेविंग किट, साबुन और शैम्पू।
- खाने के शौक: सर्किट हाउस में ड्राई फ्रूट्स और ताजे फलों की विशेष व्यवस्था।
घोटालों और घाटे का पुराना नाता
यह विवाद तब सामने आया है जब BSNL पहले से ही अपने पिछले खराब रिकॉर्ड और वित्तीय संकट के कारण आलोचना झेल रही है।
- पिछला रिकॉर्ड: BSNL पिछले कई वर्षों से हजारों करोड़ के घाटे में चल रही है।
- संसाधनों की बर्बादी: जहाँ एक तरफ प्राइवेट कंपनियां 5G में आगे निकल गईं, वहीं BSNL के अधिकारी अभी भी पुराने ढंग की ‘VIP कल्चर’ और फिजूलखर्ची में उलझे हुए हैं।
- जनता का सवाल: क्या जनता का टैक्स इसलिए दिया जाता है कि बड़े अधिकारियों के लिए अंडरवियर और कंघी खरीदी जा सके?
🏛️ BSNL की साख पर बट्टा
BSNL ने आधिकारिक बयान जारी कर इस व्यवहार से पल्ला झाड़ लिया है, लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या बिना ऊपर की मिलीभगत के ऐसा आदेश जारी हो सकता है?
“यह महज एक दौरा नहीं, बल्कि सरकारी संसाधनों की खुली लूट और कर्मचारियों का शोषण है।”

