दिल्ली होटल आग मालवीय नगर: बाथरूम में एक-दूसरे को गले लगाए मिले कपल के शव; होटल मालिक का शर्मनाक बयान- ‘दिल्ली में सब चलता है’

दिल्ली होटल आग मालवीय नगर (Delhi Hotel Fire Malviya Nagar)

राजधानी दिल्ली का पॉश इलाका मालवीय नगर 3 जून की सुबह एक भीषण और दर्दनाक हादसे का गवाह बना। यहाँ स्थित फ्लरिश स्टे होटल (Flourish Stay Hotel) में लगी भीषण आग ने देखते ही देखते 21 लोगों को मौत की नींद सुला दिया, जबकि 28 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। सोशल मीडिया से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक दिल्ली होटल आग मालवीय नगर हादसा इस समय सबसे बड़ी चर्चा का विषय बना हुआ है।

इस दिल दहला देने वाले अग्निकांड में जान गंवाने वालों में 11 विदेशी और 10 भारतीय नागरिक शामिल हैं। पुलिस और फॉरेंसिक टीमों को जांच के दौरान होटल के भीतर से जो कहानियां और मंजर देखने को मिले हैं, उसने पूरी दिल्ली को हिलाकर रख दिया है।

1. दिल दहला देने वाला मंजर: बाथरूम में एक-दूसरे को गले लगाए मिले पति-पत्नी के शव

अग्निकांड के बाद जब रेस्क्यू टीम होटल की ऊपरी मंजिलों पर तलाशी के लिए पहुंची, तो रूम नंबर के बाथरूम का नजारा देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। बचाव दल को वहाँ एक अफ्रीकी कपल के शव मिले, जो मौत के आखिरी सेकेंड्स में भी एक-दूसरे को गले लगाए हुए थे।

दिल्ली होटल आग मालवीय नगर
  • आखिरी वक्त का साथ: बाथरूम के भीतर महिला टॉयलेट सीट पर बेजान बैठी थी, जबकि उसके पति ने पास रखी कुर्सी पर बैठकर पत्नी को बेहद कसकर अपनी बांहों में जकड़ रखा था। दम घुटने के कारण दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
  • इलाज के लिए आए थे भारत: स्थानीय लोगों और अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक, यह कपल संतान सुख की चाह में आईवीएफ (Test Tube Baby) का इलाज कराने के लिए भारत आया था और पास के ही एक नामी अस्पताल में उनका प्रोसेस चल रहा था।
  • लाइबेरियाई महिला की पहचान: हादसे में जान गंवाने वाली 61 वर्षीय लाइबेरियाई महिला जेनजे एन. रोलैंड के शव की पहचान एम्स (AIIMS) मोर्चुरी में उनके एक रिश्तेदार ने की है, जबकि उनके बीमार पति पहले से ही मैक्स अस्पताल में भर्ती हैं।

2. होटल मालिक का शर्मनाक खुलासा: ‘6 कमरे का लाइसेंस था, 25 चला रहे थे; दिल्ली में सब चलता है’

होटल मालिक लवकेश बजाज

दिल्ली पुलिस ने 3 जून की रात होटल के सह-मालिक लवकेश बजाज को हिरासत में लिया।

इस पूरे भीषण हादसे का मुख्य आरोपी और होटल का सह-मालिक लवकेश बजाज दिल्ली पुलिस की हिरासत में है। गुरुवार को कोर्ट ने उसे 4 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने दिल्ली के सिस्टम और प्रशासनिक मिलीभगत पर जो खुलासा किया, वह बेहद चौंकाने वाला है।

जब पुलिस ने लवकेश बजाज से सवाल किया कि बिना फायर एनओसी (Fire NOC) के और महज 6 कमरों का लाइसेंस होने के बावजूद वे 5 मंजिला इमारत में 25 कमरे कैसे ऑपरेट कर रहे थे? तो उसने बेहद लापरवाही से जवाब दिया— ‘दिल्ली में सब चलता है।’

पुलिस के अनुसार, यह होटल तीन पार्टनर्स (लवकेश बजाज, जय मिश्रा व अन्य) मिलकर चला रहे थे और पूरी दिल्ली में इनके कई गेस्ट हाउस अवैध रूप से चल रहे हैं। शर्मनाक बात यह भी है कि आग लगने के दौरान बजाज अपनी कार से जलती इमारत के पास से गुजरा था, लेकिन वह डर के मारे किसी की मदद किए बिना पूरे दिन शहर में भागता रहा।

3. मौत का ‘चिमनी’ बना होटल: दिल्ली फायर सर्विस ने बताईं हादसे की 5 बड़ी वजहें

सुबह 8:30 बजे आग लगी ➔ ग्राउंड फ्लोर से धुआं उठा ➔ एकमात्र सीढ़ी ब्लॉक हुई ➔ सेंसर गेट बंद हुआ ➔ खिड़कियां सील होने से दम घुटा

दिल्ली फायर सर्विस के चीफ फायर ऑफिसर ए.के. मलिक के मुताबिक, यह 5 मंजिला इमारत पूरी तरह से एक ‘डेथ ट्रैप’ (मौत का कुआं) साबित हुई। अधिकारियों ने जांच के बाद हादसे के फैलने और इतनी बड़ी संख्या में मौतों के पीछे 5 मुख्य सुरक्षा चूक रेखांकित की हैं:

क्रम संख्यासुरक्षा में बड़ी लापरवाही (Safety Violations)हादसे पर इसका असर (Impact on Tragedy)
1.एकमात्र संकरा निकास (Single Exit)आने-जाने के लिए सिर्फ एक सीढ़ी थी, जो आग लगते ही पूरी तरह ब्लॉक हो गई।
2.सील खिड़कियां व वेंटिलेशन की कमीखिड़कियां सील होने से धुआं बाहर नहीं निकल पाया और बिल्डिंग ‘चिमनी’ बन गई।
3.सेंसर आधारित मुख्य गेट फेलबिजली कटते ही ऑटोमैटिक मुख्य गेट लॉक हो गया, जिससे लोग बाहर नहीं भाग पाए।
4.फायर सेफ्टी उपकरण बंदहोटल में लगे स्मोक डिटेक्टर, फायर अलार्म और स्प्रिंकलर सिस्टम काम नहीं कर रहे थे।
5.कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों का स्टॉकग्राउंड फ्लोर पर भारी मात्रा में गैस सिलेंडर रखे थे, जिनके लिए कोई आइसोलेशन सुरक्षा नहीं थी।

4. आधिकारिक आंकड़े: दिल्ली में जनवरी 2021 से अब तक आग का तांडव

आधिकारिक आंकड़ों की डरावनी तस्वीर: दिल्ली पुलिस और अग्निशमन विभाग द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, देश की राजधानी में जनवरी 2021 से लेकर मई 2026 के बीच हुए विभिन्न हादसों में कुल 6,466 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। सबसे डरावनी बात यह है कि इन कुल मौतों में से 445 मौतें केवल आगजनी और शॉर्ट-सर्किट के कारण लगी आग की घटनाओं में हुई हैं, जबकि इन हादसों में 3,193 लोग गंभीर रूप से झुलसे या घायल हुए हैं।

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