हरियाणा के कुरुक्षेत्र से एक बेहद शर्मनाक और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ के मुख्य सरकारी अस्पताल एलएनजेपी (LNJP Hospital) में इलाज कराने आई एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ अस्पताल के ही कंसल्टेंट डॉक्टर द्वारा रेप किए जाने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है।

घटना के बाद अस्पताल से छुट्टी लेकर फरार हुए मुख्य आरोपी डॉक्टर शैलेंद्र शर्मा शैली को पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए गिरफ्तार कर लिया है। इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए हरियाणा राज्य महिला आयोग ने कड़े निर्देश जारी किए थे, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने आरोपी डॉक्टर की सेवाएं तुरंत प्रभाव से समाप्त (Dismiss) कर दी हैं।
इलाज के बहाने ओपीडी में दरिंदगी: पीड़िता के पिता ने बयां किया दर्द
पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़िता के लाचार पिता ने बताया कि 29 मई को वे अपनी बेटी को पेट दर्द और यूरीन में जलन की शिकायत के बाद अस्पताल लेकर आए थे। अस्पताल की ओपीडी नंबर 426 में तैनात आरोपी डॉक्टर शैलेंद्र शर्मा ने पिता को मेल वार्ड में और बेटी को फीमेल वार्ड में भर्ती कर दिया।
29 मई: पेट दर्द की शिकायत पर अस्पताल आगमन ➔ ओपीडी 426 में चेकअप के नाम पर दरिंदगी ➔ मल्टीपल सेक्सुअल असॉल्ट ➔ हालत बिगड़ने पर ब्लीडिंग शुरू
आरोप है कि दोपहर के समय आरोपी डॉक्टर नाबालिग लड़की को चेकअप के बहाने अपनी ओपीडी में ले गया। वहां बेड पर लिटाकर उसने जांच के नाम पर क्रूरता की और लड़की के साथ मल्टीपल टाइम सेक्सुअल असॉल्ट (रेप) किया। जब पिता वार्ड में बेटी से मिलने पहुंचे, तो वह पूरी तरह सहमी, गुमसुम और डरी हुई थी। पिता के बार-बार पूछने पर वह फूट-फूटकर रोने लगी और डॉक्टर की इस घिनौनी करतूत का खुलासा हुआ।
ब्लीडिंग होने पर खुला राज: सीनियर डॉक्टरों के सामने हुआ खुलासा
अस्पताल में इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉ. उपेंद्र के मुताबिक, ओपीडी में हुई इस दरिंदगी के कारण नाबालिग लड़की की तबीयत बेहद बिगड़ गई और उसे लगातार हैवी ब्लीडिंग (रक्तस्राव) शुरू हो गया। हालत गंभीर होने पर उसी रात करीब 8:30 बजे उसे फीमेल वार्ड से तुरंत इमरजेंसी वार्ड में शिफ्ट किया गया।
मेडिकल जांच में पुष्टि: इमरजेंसी वार्ड में इलाज के दौरान पीड़िता ने वहां मौजूद सीनियर डॉक्टरों और महिला स्टाफ को अपने साथ ओपीडी में हुए इस घिनौने कृत्य की जानकारी दी। अस्पताल प्रशासन ने तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologist) को बुलाया। मेडिकल जांच और केस हिस्ट्री में डॉक्टरों ने स्पष्ट तौर पर ‘मल्टीपल सेक्सुअल असॉल्ट’ की पुष्टि की, जिसके बाद तुरंत स्थानीय पुलिस को मामले की लिखित सूचना दी गई। बताया गया है कि पीड़ित लड़की की मां की एक साल पहले ही मौत हो चुकी है।
कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई: पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज, डॉक्टर बर्खास्त
मामला सामने आते ही कुरुक्षेत्र के केयूके (KUK) थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी डॉक्टर के खिलाफ सख्त कानूनी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
- दर्ज धाराएं: पुलिस ने आरोपी डॉक्टर शैलेंद्र शर्मा शैली के खिलाफ पॉक्सो एक्ट 2012 (POCSO Act) की धारा 10 और धारा 6 के तहत संगीन मामला दर्ज किया है।
- गिरफ्तारी: वारदात के बाद से ही फरार चल रहे आरोपी डॉक्टर को पुलिस की विशेष टीम ने धर दबोचा और सलाखों के पीछे भेज दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने विभागीय जांच के आदेश देते हुए डॉक्टर को सरकारी सेवा से हमेशा के लिए बर्खास्त कर दिया है।
पॉक्सो एक्ट (बाल यौन अपराध संरक्षण कानून) की कानूनी धाराओं, सजा के प्रावधानों और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की गाइडलाइंस को विस्तार से पढ़ने के लिए आप National Commission for Protection of Child Rights (NCPCR) की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं।



