करनाल में टोल कर्मियों का खूनी तांडव: प्योंत टोल प्लाजा पर बीटेक छात्र को सरियों और ईंटों से बेरहमी से पीटा, हालत नाजुक; PGI चंडीगढ़ रेफर!

करनाल प्योंत टोल प्लाजा विवाद

हरियाणा के करनाल में नेशनल हाईवे 709ए (NH 709A) पर स्थित प्योंत (करनाल-असंध) टोल प्लाजा से गुंडागर्दी और जानलेवा हमले का एक बेहद खौफनाक मामला सामने आया है। 26 मई की रात करीब 9 बजे टोल क्रॉसिंग के दौरान हुए एक मामूली विवाद में टोल प्लाजा के कर्मचारियों ने कानून को हाथ में लेते हुए बीटेक के एक निहत्थे छात्र को चारों तरफ से घेरकर बेरहमी से पीट दिया।

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इस जानलेवा हमले में छात्र के सिर और आंख पर बेहद गंभीर चोटें आई हैं। घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय लोगों ने किसी तरह बीच-बचाव कर छात्र की जान बचाई। इलाज के लिए उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे देर रात पीजीआई चंडीगढ़ (PGI Chandigarh) के लिए रेफर कर दिया है। इस पूरी वारदात का एक सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

1. करनाल-असंध रोड पर खूनी संघर्ष: टोल कर्मियों की दबंगई का शिकार हुआ निहत्था छात्र

यह पूरी घटना करनाल के उपलाना गांव के रहने वाले बीटेक छात्र योगराज के साथ घटी। मंगलवार रात को योगराज अपने परिचित अशोक (निवासी कत्लाहेड़ी) के साथ गाड़ी में सवार होकर असंध रोड से गुजर रहे थे। जैसे ही उनकी गाड़ी प्योंत स्थित करनाल प्योंत टोल प्लाजा विवाद के केंद्र यानी टोल लेन में पहुंची, तो वहां तैनात कर्मचारियों ने गाड़ी को रोक लिया।

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परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गाड़ी कत्लाहेड़ी निवासी अशोक चला रहे थे और स्थानीय होने के नाते उनका यह वाहन नियमानुसार टोल टैक्स से पूरी तरह ‘फ्री कैटेगरी’ (टोल मुक्त) में आता है। लेकिन टोल कर्मियों ने बिना किसी जांच-पड़ताल या कागजात देखे ही गाड़ी को आगे जाने से रोक दिया और बदतमीजी शुरू कर दी।

2. टोल फ्री कैटेगरी का था वाहन: मामूली कहासुनी के बाद हिंसक हुए कर्मचारी

गाड़ी रोके जाने पर जब गाड़ी चालक अशोक और छात्र योगराज ने नियमानुसार गाड़ी के स्थानीय और टोल फ्री होने की बात कही, तो बात बढ़ गई। मामूली कहासुनी के बाद टोल पर मौजूद कर्मचारी अचानक हिंसक और आक्रामक हो गए।

टोल फ्री कैटेगरी का वाहन ➔ टोल कर्मियों ने बिना जांच रोकी गाड़ी ➔ मामूली कहासुनी ➔ 10 कर्मियों ने घेरा ➔ ईंटों और लोहे के सरियों से जानलेवा हमला ➔ छात्र PGI चंडीगढ़ रेफर

देखते ही देखते टोल बूथ के केबिनों से कई अन्य कर्मचारी लाठी, डंडे और लोहे के सरिए लेकर बाहर निकल आए और निहत्थे छात्र योगराज पर टूट पड़े।

3. 10 कर्मचारियों ने घेरकर बरसाए सरिए और ईंटें, सीसीटीवी फुटेज आया सामने

पीड़ित पक्ष द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों और सामने आए सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, करीब 10 दबंग टोल कर्मचारियों ने योगराज को जमीन पर गिरा दिया। इसके बाद उस पर ईंटों, लोहे की भारी सरियों, लात और मुक्कों की बौछार कर दी गई।

हमले के दौरान छात्र पूरी तरह लहूलुहान हो गया और मौके पर ही बेहोश हो गया। वहां मौजूद अन्य वाहन चालकों और राहगीरों ने जब शोर मचाया और बीच-बचाव करने के लिए आगे बढ़े, तब कहीं जाकर आरोपी कर्मचारी पीछे हटे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की ‘डायल 112’ की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन पुलिस के आने से पहले ही सभी आरोपी कर्मचारी मौके से फरार होने में कामयाब रहे।

4. मेडिकल लीगल रिपोर्ट (MLR) में गंभीर चोटों की पुष्टि, आंख की रोशनी पर खतरा

घायल योगराज को सबसे पहले नीलोखेड़ी के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मेडिकल लीगल रिपोर्ट (MLR) तैयार की गई। एमएलआर में छात्र पर हुए शारीरिक हमले और गंभीर चोटों की स्पष्ट पुष्टि हुई है:

  • आंख पर गंभीर वार: छात्र की दाहिनी आंख के नीचे करीब 2.5 सेंटीमीटर का गहरा और फटका हुआ घाव मिला है, जिससे लगातार भारी ब्लीडिंग हो रही थी। आंख और चेहरे पर अत्यधिक सूजन है और छात्र ने आंखों के सामने धुंधला दिखने की शिकायत की है।
  • सिर में अंदरूनी चोट: सिर के दाहिने हिस्से में भारी सूजन है और डॉक्टरों ने चोट को गंभीर मानते हुए सर्जन तथा न्यूरोलॉजिस्ट की विशेष निगरानी में रखने की सलाह दी है। भारी वस्तु (सरिए/ईंट) से वार होने के कारण छात्र को बार-बार बेहोशी आ रही थी, जिसके चलते उसे कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज से पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया।

5. बिना वर्दी और नेम प्लेट के थे आरोपी, ग्रामीणों में भारी रोष और पुलिस का बयान

इस घटना के बाद प्योंत, कत्लाहेड़ी, गुल्लरपुर और उपलाना समेत आसपास के दर्जनों गांवों के ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस टोल प्लाजा पर स्थानीय लोगों और वाहन चालकों के साथ अभद्र व्यवहार और गुंडागर्दी की शिकायतें लंबे समय से आ रही हैं।

नियमों की धज्जियां: पीड़ितों ने बताया कि हमले में शामिल अधिकांश टोल कर्मी बिना किसी आधिकारिक वर्दी (यूनिफॉर्म) और बिना नेम प्लेट के ड्यूटी पर तैनात थे, जो राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के नियमों का सीधा उल्लंघन है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस टोल को संचालित करने वाली निजी कंपनी का टेंडर तुरंत रद्द किया जाए।

निसिंग थाना के एसएचओ (SHO) कृष्ण कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि टोल क्रॉसिंग को लेकर मारपीट की यह घटना पुलिस के संज्ञान में है। पुलिस को जैसे ही पीड़ित पक्ष की तरफ से औपचारिक शिकायत और अस्पताल से मेडिकल रिपोर्ट प्राप्त होगी, तुरंत संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

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