पानीपत: हरियाणा की मिट्टी ने एक बार फिर देश की सेवा के लिए अपना एक जांबाज सिपाही सेना को सौंपा है। पानीपत के काबड़ी गांव के रहने वाले 21 वर्षीय उदय शर्मा लेफ्टिनेंट बन गए हैं। जैसे ही उदय की इस उपलब्धि की खबर उनके ननिहाल करनाल के नरूखेड़ी गांव पहुंची, वहां जश्न का माहौल हो गया। ग्रामीणों ने फूल-मालाओं और मिठाइयों के साथ अपने भांजे का जोरदार स्वागत किया।
उदय की यह सफलता न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे प्रदेश के युवाओं के लिए एक बड़ी मिसाल है।
बचपन का सपना हुआ साकार
उदय शर्मा के सेना में अधिकारी बनने का सफर महज कुछ सालों की मेहनत नहीं, बल्कि बचपन का एक सपना है। परिवार वालों की मानें तो जब उदय महज 5 साल के थे, तभी से उनके मन में वर्दी के प्रति एक अलग ही आकर्षण था। छुट्टियों में जब भी वे अपने ननिहाल नरूखेड़ी आते थे, तो उनके मन में देश सेवा को लेकर ढेरों सवाल होते थे।
NSG कमांडो मामा बने प्रेरणा के स्रोत
किसी भी बड़ी सफलता के पीछे एक सही मार्गदर्शन का होना बहुत जरूरी है। उदय के मामले में यह भूमिका उनके मामा विनोद फौजी ने निभाई। विनोद फौजी भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे चुके हैं और वे एनएसजी (NSG) कमांडो के तौर पर भी देश की सुरक्षा में तैनात रहे हैं। हवलदार पद से रिटायर हुए विनोद फौजी ने उदय को सेना के अनुशासन और गौरवपूर्ण जीवन की कहानियाँ सुनाईं, जिससे उदय का इरादा और भी पक्का हो गया। उदय शर्मा लेफ्टिनेंट बनने की राह में अपने मामा के अनुभवों को अपनी सबसे बड़ी ताकत मानते हैं।
NCC ने रखी कामयाबी की मजबूत नींव
शिक्षा की बात करें तो उदय ने अपनी शुरुआती और स्कूली पढ़ाई पानीपत के एसडी (SD) स्कूल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की डिग्री ली। सेना में जाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए उदय ने कॉलेज के दौरान एनसीसी (NCC) ज्वाइन की। एनसीसी के कड़े अनुशासन और ट्रेनिंग ने उदय के व्यक्तित्व को पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने वहां नेतृत्व के गुण सीखे, जिसकी बदौलत उन्हें एनडीए (NDA) और सीडीएस (CDS) जैसी कठिन परीक्षाओं के लिए सही दिशा मिली।
25 मार्च से शुरू होगी चेन्नई में ट्रेनिंग
घर पर स्वागत और खुशियों के बीच अब उदय अपनी अगली जिम्मेदारी के लिए तैयार हैं। वह आगामी 25 मार्च को चेन्नई स्थित ऑफिसर ट्रेनिंग अकादमी (OTA) के लिए रवाना होंगे। वहां वे अपनी एडवांस सैन्य ट्रेनिंग पूरी करेंगे, जिसके बाद वे औपचारिक रूप से भारतीय सेना की कमान संभालेंगे।
युवाओं के लिए संदेश
उदय शर्मा की यह कहानी सिखाती है कि अगर लक्ष्य बचपन में ही तय कर लिया जाए और उसे पाने के लिए सही दिशा में मेहनत की जाए, तो कामयाबी जरूर मिलती है। हरियाणा के ग्रामीण अंचलों से निकलकर सेना में बड़े पदों तक पहुँचना यह दर्शाता है कि हमारे प्रदेश के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है।

