Nitish Kumar Rajya Saha

बिहार में बड़ा सियासी उलटफेर: नीतीश कुमार जाएंगे राज्यसभा, पटना में भारी हंगामा

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक युग का अंत करते हुए सक्रिय राज्य राजनीति से हटकर केंद्र की राजनीति में जाने का फैसला किया है। उन्होंने खुद सोशल मीडिया (X) पर इसकी पुष्टि की है कि वे राज्यसभा सदस्य के रूप में अपनी अगली पारी शुरू करना चाहते हैं।

इस बड़ी खबर की मुख्य बातें:

Nitish cm x handle news
  • नीतीश का ‘X’ पोस्ट: नीतीश कुमार ने लिखा कि उनके मन में शुरू से ही बिहार विधान मंडल और संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) का सदस्य बनने की इच्छा थी, जिसे वे अब पूरा करने जा रहे हैं।
  • एक ही गाड़ी में ‘पावर सेंटर’: मुख्यमंत्री आवास से नीतीश कुमार, बीजेपी नेता नितिन नवीन और अमित शाह एक ही गाड़ी में बैठकर नामांकन के लिए विधानसभा पहुंचे, जो नई दिल्ली और पटना के बीच गहरे तालमेल का संकेत है।
  • जेडीयू में विद्रोह: इस खबर के फैलते ही जेडीयू कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। पटना में जेडीयू ऑफिस के बाहर कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की और ललन सिंह, संजय झा व विजय चौधरी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
  • विपक्ष का हमला: तेजस्वी यादव ने इसे “महाराष्ट्र मॉडल” करार देते हुए कहा कि बीजेपी ने नीतीश कुमार को इतना टॉर्चर किया कि उन्हें इस्तीफा देना पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री की दौड़ में कौन? (Who is Next in CM Race?)

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार की कुर्सी के लिए ‘सस्पेंस’ बढ़ गया है। राजनीतिक गलियारों में इन नामों की सबसे ज्यादा चर्चा है:

संभावित नामपार्टीताकत/वजह
सम्राट चौधरीBJPवर्तमान उपमुख्यमंत्री और बीजेपी का बड़ा ओबीसी (कुशवाहा) चेहरा। दिल्ली का समर्थन प्राप्त है।
विजय कुमार सिन्हाBJPसवर्ण वोट बैंक पर पकड़ और अनुभवी नेता। मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदारों में से एक।
नितिन नवीनBJPयुवा चेहरा और हालिया घटनाक्रमों में अमित शाह के करीब देखे गए। वे ‘डार्क हॉर्स’ साबित हो सकते हैं।
विजय कुमार चौधरीJDUअगर बीजेपी और जेडीयू के बीच जेडीयू का ही मुख्यमंत्री बनाए रखने पर सहमति बनती है, तो विजय चौधरी सबसे भरोसेमंद चेहरा होंगे।
संजय झाJDUनीतीश कुमार के बेहद करीबी। ब्राह्मण चेहरा और दिल्ली में बीजेपी आलाकमान के साथ अच्छे संबंध।

💡 क्या हो सकता है आगे?

सूत्रों का मानना है कि बीजेपी अब बिहार में अपना पूर्णकालिक मुख्यमंत्री चाहती है। अगर सम्राट चौधरी या विजय सिन्हा में से कोई मुख्यमंत्री बनता है, तो बिहार में पहली बार बीजेपी का अपना मुख्यमंत्री होगा। हालांकि, जेडीयू के भीतर मची भगदड़ को संभालना नई सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।