बॉलीवुड अभिनेता शाइनी आहूजा के जीवन और करियर को तबाह करने वाले रेप केस की कहानी पार्ट-2 में और भी उलझ गई है। मेड के मुकरने से लेकर अंडरवर्ल्ड डॉन के साथ जेल काटने तक, इस केस में कई ऐसे मोड़ आए जो आज भी न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हैं।
1. कोर्ट में पलटी मेड: “रेप नहीं हुआ, दबाव में की शिकायत”
केस में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब 27 सितंबर 2010 को पीड़ित मेड ने अदालत में अपने बयान बदल दिए।
- बयान: मेड ने कहा कि शाइनी ने उसका रेप नहीं किया।
- साजिश: उसने दावा किया कि रेखा माने (जिसने उसे काम दिलवाया था) के दबाव में आकर उसने झूठी शिकायत दर्ज करवाई थी।
- जज की चेतावनी: बयान बदलने पर जज ने मेड को कड़ी फटकार लगाई और झूठी गवाही के लिए कार्रवाई की चेतावनी दी।
2. जेल में डॉन अबू सलेम के साथ रहे शाइनी
गिरफ्तारी के बाद शाइनी आहूजा को उसी सेल में रखा गया था जहाँ अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम बंद था।
- रोचक तथ्य: जेल जाने से कुछ समय पहले ही शाइनी ने ‘गैंगस्टर’ फिल्म में काम किया था, जो सलेम के जीवन पर आधारित मानी जाती है। सलेम को वह फिल्म पसंद आई थी, इसलिए उसका शाइनी के प्रति व्यवहार नरम था।
3. 7 साल की सजा: मेड पलटी, पर मेडिकल रिपोर्ट भारी पड़ी
मेड के मुकरने के बावजूद 30 मार्च 2011 को मुंबई सेशन्स कोर्ट ने शाइनी को दोषी माना।

- सजा: 7 साल का सश्रम कारावास और 3,000 रुपये जुर्माना।
- आधार: कोर्ट ने मजिस्ट्रेट के सामने दिए गए मेड के शुरुआती बयान, फॉरेंसिक रिपोर्ट और डीएनए साक्ष्यों को आधार बनाया।
- विरोध: अरशद वारसी जैसे कई कलाकारों ने इस फैसले का विरोध करते हुए इसे ‘कलाकारों को निशाना बनाना’ करार दिया।
4. वसूली और 15 लाख रुपये की मांग का दावा
सीनियर क्राइम जर्नलिस्ट विवेक अग्रवाल के अनुसार, यह मामला वसूली (Extortion) का था।
- दावा किया गया कि ‘अटेम्प्ट टू रेप’ को रेप का रूप दिया गया और शाइनी से पैसों की मांग की गई।
- जब शाइनी ने पैसे देने से मना कर दिया, तो गिरफ्तारी हुई। चर्चा यह भी थी कि अंडर द टेबल 15 लाख रुपये लेकर जमानत की बात हुई थी, जो न मिलने पर केस खिंचता चला गया।
5. केस की वर्तमान स्थिति और शाइनी का नया जीवन
शाइनी आहूजा फिलहाल बॉम्बे हाईकोर्ट से मिली जमानत पर बाहर हैं।
- पासपोर्ट: हाईकोर्ट ने उन्हें 10 साल के लिए पासपोर्ट नवीनीकरण की अनुमति दी है।
- नया ठिकाना: फिल्म ‘वेलकम बैक’ से कमबैक फेल होने के बाद शाइनी अब फिलीपींस में शिफ्ट हो गए हैं और वहां कपड़ों का बिजनेस कर रहे हैं।
- फिल्म ‘सेक्शन 375’: शाइनी आहूजा के इसी केस से प्रेरित होकर फिल्म ‘सेक्शन 375’ बनी, जिसमें इस कानून के दुरुपयोग की पेचीदगियों को दिखाया गया है।
क्राइम जर्नलिस्ट का नजरिया: शाइनी बाई गैंग से ज्यादा ‘मीडिया ट्रायल’ के शिकार हुए। बिना अपराध साबित हुए उन्हें ‘नरभक्षी’ और ‘ड्रैकुला’ जैसे शब्दों से नवाजा गया, जिसने उनके करियर को पूरी तरह खत्म कर दिया।

