
नई दिल्ली: अगर आप भी नेशनल हाईवे पर सफर करते समय टोल प्लाजा पर नकद भुगतान (Cash Payment) करते हैं, तो सावधान हो जाइए। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) 1 अप्रैल 2026 से पूरे देश के टोल प्लाजा को 100% डिजिटल बनाने जा रही है। इसका मतलब है कि अब टोल बूथ पर नकद लेनदेन पूरी तरह बंद हो जाएगा।
1. क्यों बंद हो रहा है कैश लेनदेन?
NHAI का मुख्य उद्देश्य टोल प्लाजा पर लगने वाले ट्रैफिक जाम को खत्म करना है।
- समय की बचत: नकद लेनदेन और ‘छुट्टे पैसों’ के चक्कर में गाड़ियों की लंबी कतारें लग जाती हैं।
- पारदर्शिता: डिजिटल पेमेंट से राजस्व (Revenue) की चोरी रुकेगी और डेटा मैनेजमेंट ज्यादा सटीक होगा।
- विवाद खत्म: अक्सर टोल कर्मियों और चालकों के बीच पैसों को लेकर होने वाली बहस अब बीते कल की बात हो जाएगी।
2. कैश दिया तो लगेगा भारी जुर्माना!
वर्तमान नियमों के अनुसार, अगर आप डिजिटल माध्यम का उपयोग नहीं करते हैं, तो आपको भारी कीमत चुकानी पड़ती है:
- बिना फास्टैग के एंट्री: अगर गाड़ी पर फास्टैग नहीं है और आप फास्टैग लेन में घुसते हैं, तो दोगुना टोल वसूला जाता है।
- UPI पेमेंट: अगर आप फास्टैग की जगह UPI से भुगतान करते हैं, तो आपको सामान्य दर का 1.25 गुना (25% ज्यादा) चार्ज देना पड़ता है। 1 अप्रैल के बाद स्थिति और भी सख्त हो सकती है।
3. 1,150 से ज्यादा टोल प्लाजा पर बदलेगा सिस्टम
यह नया नियम देश के 1,150 से अधिक टोल प्लाजा और एक्सप्रेसवे पर एक साथ लागू होगा। NHAI के अनुसार, देश की 98% गाड़ियों पर पहले से ही FASTag लगा हुआ है, इसलिए 100% डिजिटलीकरण अब ज्यादा आसान हो गया है।
4. क्या है सरकार का भविष्य का प्लान?
सरकार केवल फास्टैग पर ही नहीं रुक रही है। भविष्य में GPS आधारित टोल सिस्टम और ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) पर भी काम चल रहा है, जिससे आपको टोल बूथ पर रुकने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। गाड़ी के गुजरते ही आपके बैंक खाते से सीधे पैसे कट जाएंगे।
चेकलिस्ट: सफर से पहले ये जरूर करें
- अपने FASTag को समय पर रिचार्ज रखें।
- सुनिश्चित करें कि फास्टैग आपके वाहन की विंडशील्ड पर सही से लगा हो।
- यदि फास्टैग नहीं है, तो 1 अप्रैल से पहले नजदीकी बैंक या ऑनलाइन पोर्टल से इसे लगवा लें।
