ai summit 2026

भारत मंडपम में AI समिट या बड़ा स्कैम? चीन से मंगाया ‘रोबोटिक डॉग’, गलगोटिया यूनिवर्सिटी की अव्यवस्था और मंत्री जी ने क्यों डिलीट की पोस्ट?

नई दिल्ली: दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ ने भारत की तकनीकी प्रगति से ज्यादा अपनी ‘अव्यवस्था’ और ‘विवादों’ से दुनिया का ध्यान खींचा है। जिस इवेंट को ग्लोबल बेंचमार्क बनना था, वह अब सरकारों और मैनेजमेंट की खामियों का ‘शोकेस’ बन गया है।

चीन वाला ‘AI डॉग’ और अश्विनी वैष्णव की डिलीटेड पोस्ट

समिट में सबसे ज्यादा चर्चा उस रोबोटिक डॉग की रही जिसे ‘स्वदेशी तकनीक’ के तौर पर पेश किया जा रहा था। हकीकत सामने आते ही सोशल मीडिया पर बवाल मच गया कि यह चीन से आयातित (Imported) है।

  • विवाद: आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उत्साह में इस रोबोटिक डॉग का वीडियो पोस्ट किया था, लेकिन जैसे ही नेटिजन्स ने इसकी ‘चाइनीज’ असलियत और सुरक्षा खतरों (Security Risks) पर सवाल उठाए, मंत्री जी को अपनी पोस्ट डिलीट करनी पड़ी। यह “आत्मनिर्भर भारत” के दावों पर एक बड़ा तमाचा साबित हुआ।

गलगोटिया यूनिवर्सिटी के वॉलंटियर्स और महा-अव्यवस्था

इवेंट के मैनेजमेंट की जिम्मेदारी में शामिल गलगोटिया यूनिवर्सिटी (Galgotias University) के वॉलंटियर्स और उनकी अव्यवस्था ने डेलीगेट्स का जीना मुहाल कर दिया।

  • क्या हुई गड़बड़ी?: हजारों स्टार्टअप फाउंडर्स को घंटों धूप में खड़ा रखा गया। विदेशी मेहमानों को पानी तक नसीब नहीं हुआ। मैनेजमेंट इतना लचर था कि रजिस्ट्रेशन काउंटर से लेकर फूड कोर्ट तक अफरा-तफरी का माहौल रहा।
  • VIP कल्चर की भेंट: डेलीगेट्स का आरोप है कि मैनेजमेंट का पूरा ध्यान सिर्फ ‘वीआईपी’ और ‘रील बनाने’ पर था, जबकि असली टेक इनोवेटर्स धक्के खाते रहे।

‘सुरक्षा’ के नाम पर लूट और फजीहत

भले ही सरकार ने 15 हजार जवान और 4000 कैमरे तैनात किए थे, लेकिन हकीकत कुछ और ही निकली:

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AI समिट में लगे एक्सपो में VIP मूवमेंट के दौरान कुछ स्टॉल्स पर गैजेट चोरी हो गए।

  • सामान चोरी: ‘नियो सेपियन’ जैसे स्टार्टअप्स के कीमती AI वियरेबल्स और गैजेट्स उस वक्त चोरी हो गए जब सुरक्षा के नाम पर उन्हें स्टॉल से बाहर निकाला गया था।
  • डिजिटल इंडिया में कैश: सबसे शर्मनाक बात यह रही कि इस ‘हाई-टेक’ समिट में यूपीआई (UPI) फेल था और सिर्फ कैश में पेमेंट ली जा रही थी। भूखे-प्यासे डेलीगेट्स पैसे होने के बावजूद कुछ खा नहीं पाए।

हमारा नजरिया: तकनीक तब सफल होती है जब वह इंसान के काम आए, न कि उसे परेशान करे। अगर भारत को ग्लोबल टेक हब बनना है, तो हमें ‘VIP कल्चर’ से ऊपर उठकर उन ‘इनोवेटर्स’ को सम्मान देना होगा जो असल में इस समिट की जान हैं।