वर्ल्ड रिकॉर्ड जीत: भारत ने नामीबिया को 93 रनों से रौंदा; पंड्या-ईशान का तूफान और चक्रवर्ती की फिरकी में फंसा नामीबिया

टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम का विजय रथ पूरी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। गुरुवार को नामीबिया के खिलाफ खेले गए मुकाबले में भारत ने न केवल 93 रनों की रिकॉर्ड जीत दर्ज की, बल्कि वर्ल्ड कप इतिहास में अपनी लगातार 10वीं जीत का नया कीर्तिमान भी स्थापित कर दिया।
एंटिगा: टीम इंडिया ने ग्रुप-ए के अपने दूसरे मुकाबले में नामीबिया को एकतरफा अंदाज में हरा दिया है। 210 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी नामीबिया की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने ताश के पत्तों की तरह बिखर गई और पूरी टीम महज 116 रनों पर सिमट गई।
1. रनों के लिहाज से सबसे बड़ी जीत
भारत की वर्ल्ड कप इतिहास में यह रनों के अंतर से सबसे बड़ी जीत है।
नया रिकॉर्ड: 93 रन (बनाम नामीबिया, 2026)
पुराना रिकॉर्ड: 90 रन (बनाम इंग्लैंड, 2012)
2. बल्लेबाजी: ईशान और हार्दिक की आतिशी फिफ्टी
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत विस्फोटक रही।
ईशान किशन: ईशान ने बल्ले से कोहराम मचाते हुए मात्र 20 गेंदों पर अपनी फिफ्टी पूरी की। उन्होंने 24 गेंदों पर 61 रनों की पारी खेली, जिसमें पावरप्ले के आखिरी ओवर में लगातार 4 छक्के शामिल थे।
हार्दिक पंड्या: मिडिल ऑर्डर में हार्दिक ने मोर्चा संभाला और 52 रनों की पारी खेली। उन्होंने शिवम दुबे (23 रन) के साथ मिलकर टीम का स्कोर 200 के पार पहुँचाया।
अंतिम ओवर का ड्रामा: भारत ने एक समय बेहद मजबूत स्थिति में होने के बावजूद आखिरी 4 रन बनाने में अपने 5 विकेट गंवा दिए, जिससे टीम 209/9 के स्कोर तक ही पहुँच सकी।
3. गेंदबाजी: वरुण चक्रवर्ती का ‘मैजिक’
210 रनों के लक्ष्य के दबाव में नामीबिया की टीम शुरू से ही संघर्ष करती दिखी।
वरुण चक्रवर्ती: मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने अपनी फिरकी का जादू दिखाया और 3 महत्वपूर्ण विकेट झटके।
हार्दिक और अक्षर: ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या ने बल्लेबाजी के बाद गेंदबाजी में भी जौहर दिखाते हुए 2 विकेट लिए, जबकि अक्षर पटेल को भी 2 सफलताएं मिलीं।
जसप्रीत बुमराह: चोट के बाद वापसी कर रहे बुमराह ने अपनी धारदार गेंदबाजी से एक विकेट चटकाया और नामीबिया के बल्लेबाजों को हाथ खोलने का मौका नहीं दिया।
4. पॉइंट्स टेबल में भारत नंबर-1
इस जीत के साथ भारत ग्रुप-ए में टॉप पर पहुँच गया है। भारत और पाकिस्तान दोनों के पास 4-4 अंक हैं, लेकिन बेहतर नेट रन रेट के कारण टीम इंडिया पहले स्थान पर काबिज है।
| टीम | मैच | जीत | अंक | नेट रन रेट |
| भारत | 2 | 2 | 4 | उच्च (Top) |
| पाकिस्तान | 2 | 2 | 4 | कम |
| नीदरलैंड | 2 | 1 | 2 | – |
मैच के ‘हीरो’: हार्दिक पंड्या
हार्दिक पंड्या को उनके ऑलराउंड प्रदर्शन (52 रन और 2 विकेट) के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।
U-19 वर्ल्ड कप: भारत ने रचा इतिहास, इंग्लैंड को हराकर छठी बार बना 'विश्व विजेता'

हरारे (जिम्बाब्वे): भारतीय युवा ब्रिगेड ने एक बार फिर दुनिया को अपनी ताकत का अहसास कराया है। शुक्रवार रात हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए हाई-वोल्टेज फाइनल में भारत ने इंग्लैंड को 100 रनों से करारी शिकस्त देकर रिकॉर्ड छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप का खिताब जीत लिया है। भारत ने न केवल 4 साल बाद यह ट्रॉफी घर लाई है, बल्कि यह भारत का लगातार चौथा ICC टूर्नामेंट खिताब (विमेंस वनडे वर्ल्ड कप, चैंपियंस ट्रॉफी, टी-20 वर्ल्ड कप और अब U-19 वर्ल्ड कप) भी है।
1. 14 साल के वैभव सूर्यवंशी का ‘महा-तांडव’
फाइनल के असली हीरो 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी रहे। टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी भारतीय टीम ने वैभव की तूफानी 175 रनों (80 गेंद) की पारी की बदौलत 50 ओवर में 411 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।
बाउंड्री का राजा: वैभव ने अपनी पारी में 15 चौके और 15 छक्के लगाए। उन्होंने अपने 175 में से 150 रन सिर्फ बाउंड्री से बटोरे।
साझेदारी: कप्तान आयुष म्हात्रे (53 रन) के साथ वैभव ने 142 रनों की महत्वपूर्ण पार्टनरशिप की।
2. गेंदबाजों ने ढाया कहर: अंबरीश और हेनिल का जलवा
412 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम 40.2 ओवर में 311 रन पर ढेर हो गई।
आरएस अंबरीश: फाइनल में 3 विकेट लेकर इंग्लैंड की कमर तोड़ दी। उन्होंने शतकवीर कालेब फॉल्कनर (115 रन) का कीमती विकेट भी लिया।
हेनिल पटेल: पूरे टूर्नामेंट में अपनी किफायती गेंदबाजी (4.44 इकोनॉमी) और 11 विकेटों के साथ भारत की जीत के स्तंभ रहे।
3. वर्ल्ड कप में टीम इंडिया का दबदबा
भारत अब अंडर-19 इतिहास की सबसे सफल टीम बन गई है:
भारत: 6 खिताब (2000, 2008, 2012, 2018, 2022, 2026)
ऑस्ट्रेलिया: 4 खिताब
पाकिस्तान: 2 खिताब
🏆 टीम इंडिया के चमकते सितारे (Heroes of the Tournament)
| खिलाड़ी | प्रदर्शन |
| वैभव सूर्यवंशी | 7 मैचों में 444 रन (एवरेज 74), फाइनल में 175 रन। |
| आयुष म्हात्रे (कप्तान) | 214 रन और 7 विकेट (फाइनल में 53 रन)। |
| ऑरोन जॉर्ज | सेमीफाइनल में 115 रन की मैच जिताऊ पारी। |
| हेनिल पटेल | टूर्नामेंट में कुल 11 विकेट (सर्वश्रेष्ठ: 5/21 vs USA)। |
| आरएस अंबरीश | टूर्नामेंट में कुल 11 विकेट और फाइनल में शानदार स्पेल। |
2024 में ऑस्ट्रेलिया से मिली फाइनल की हार का जख्म अब भर चुका है। आयुष म्हात्रे की कप्तानी में इस युवा टीम ने न केवल वर्ल्ड कप जीता, बल्कि दुनिया को वैभव सूर्यवंशी जैसे भविष्य के सुपरस्टार से भी रूबरू कराया।
WPL 2026: बेंगलुरु बनी 'क्वीन ऑफ क्रिकेट', दिल्ली का दिल फिर टूटा

वडोदरा: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे बड़े मैचों की टीम हैं। वडोदरा के कोटाम्बी स्टेडियम में खेले गए खिताबी मुकाबले में स्मृति मंधाना की कप्तानी वाली RCB ने दिल्ली कैपिटल्स (DC) को 6 विकेट से हराकर दूसरी बार WPL ट्रॉफी पर कब्जा किया।
1. फाइनल का सबसे बड़ा रन चेज
दिल्ली कैपिटल्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 203 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो WPL फाइनल के इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर था। लेकिन बेंगलुरु ने इस पहाड़ जैसे लक्ष्य को 2 गेंद शेष रहते हासिल कर लिया। यह WPL इतिहास का सबसे सफल रन चेज भी बन गया है।
2. मंधाना और वोल का ‘तूफान’
RCB की जीत की नींव कप्तान स्मृति मंधाना (87 रन) और जॉर्जिया वोल (79 रन) ने रखी।
साझेदारी: दोनों के बीच 92 गेंदों पर 165 रनों की ऐतिहासिक पार्टनरशिप हुई।
स्मृति मंधाना ने मात्र 23 गेंदों पर अपनी फिफ्टी पूरी की और ऑरेंज कैप की रेस में भी अपनी दावेदारी मजबूत की।
3. आखिरी ओवर का रोमांच: किस्मत ने दिया साथ
मैच के आखिरी ओवर में बेंगलुरु को जीत के लिए 10 रन चाहिए थे।
राधा यादव ने तीसरी गेंद पर चौका लगाया।
चौथी गेंद पर जब राधा शॉट खेल रही थीं, उनका बल्ला स्टंप्स से जा टकराया। गनीमत रही कि हिट-विकेट होने के बावजूद गिल्लियां (Bails) नहीं गिरीं, और गेंद बाउंड्री पार चली गई। इसी के साथ RCB चैंपियन बन गई।
4. दिल्ली की ‘हार का चौका’
दिल्ली कैपिटल्स की किस्मत ने एक बार फिर उनका साथ नहीं दिया। यह दिल्ली का लगातार चौथा फाइनल था और उन्हें चारों बार उपविजेता बनकर संतोष करना पड़ा। कप्तान जेमिमा रॉड्रिग्ज की 57 रनों की शानदार पारी भी टीम को जीत नहीं दिला सकी।
🏆 प्राइज मनी और अवॉर्ड्स
विजेता (RCB): 6 करोड़ रुपए।
उपविजेता (DC): 3 करोड़ रुपए।
प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट: सोफी डिवाइन (RCB) – 5 लाख रुपए।
प्लेयर ऑफ द मैच: स्मृति मंधाना।
📊 मैच का स्कोरकार्ड (संक्षिप्त)
दिल्ली कैपिटल्स: 203/5 (20 ओवर)
जेमिमा रॉड्रिग्ज: 57 (37), लौरा वोल्वार्ट: 44 (29)
आरसीबी: 204/4 (19.4 ओवर)
स्मृति मंधाना: 87 (48), जॉर्जिया वोल: 79 (45)
स्मृति मंधाना और उनकी टीम की इस ऐतिहासिक जीत ने बेंगलुरु के फैंस को जश्न मनाने का एक और सुनहरा मौका दे दिया है।
विशाखापट्टनम में कीवी टीम का पलटवार: भारत को 50 रन से हराया; शिवम दुबे की 16 गेंदों वाली फिफ्टी और 101 मीटर का सिक्स बेकार

विशाखापट्टनम : सीरीज में लगातार तीन जीत दर्ज करने के बाद भारतीय टीम का विजय रथ चौथे टी-20 में रुक गया। विशाखापट्टनम के मैदान पर न्यूजीलैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को 50 रन से करारी शिकस्त दी। हालांकि, इस हार के बीच शिवम दुबे की आतिशी बल्लेबाजी और रिंकू सिंह की हैरतअंगेज फील्डिंग ने फैंस का दिल जीत लिया।
शिवम दुबे: 101 मीटर का छक्का और भारत की तीसरी सबसे तेज फिफ्टी
216 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत बेहद खराब रही, लेकिन शिवम दुबे ने मैदान पर आते ही तबाही मचा दी:
रिकॉर्ड फिफ्टी: दुबे ने महज 16 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। यह टी-20 इंटरनेशनल में भारत की ओर से तीसरी सबसे तेज फिफ्टी है। (युवराज सिंह 12 गेंद और अभिषेक शर्मा 14 गेंद के बाद)।
गगनचुंबी सिक्स: पारी की अपनी पहली ही गेंद पर दुबे ने 101 मीटर लंबा छक्का जड़कर अपने इरादे साफ कर दिए थे। वह 23 गेंदों में 65 रन बनाकर रनआउट हुए।
रिंकू सिंह का ‘फील्डिंग मैजिक’: एक पारी में 4 कैच
बल्लेबाजी में भले ही भारतीय टीम लड़खड़ाई, लेकिन फील्डिंग में रिंकू सिंह ने इतिहास रच दिया।
वे एक टी-20 पारी में 4 कैच लपकने वाले भारत के केवल दूसरे आउटफील्डर बन गए हैं। उनसे पहले यह कारनामा 2014 में अजिंक्य रहाणे ने किया था।
मैट हेनरी का घातक स्पैल: अभिषेक को पहली गेंद पर किया ढेर
कीवी गेंदबाज मैट हेनरी इस सीरीज में भारतीय ओपनर्स के लिए काल बन गए हैं।
उन्होंने विशाखापट्टनम में अभिषेक शर्मा को पारी की पहली ही गेंद पर आउट किया।
खास बात यह है कि इसी सीरीज के पिछले मैच में उन्होंने संजू सैमसन को भी पहली ही गेंद पर पवेलियन भेजा था। ऐसा करने वाले वे दुनिया के केवल दूसरे गेंदबाज हैं।
न्यूजीलैंड की रिकॉर्डतोड़ बल्लेबाजी
विशाल स्कोर: न्यूजीलैंड ने 215/5 का स्कोर बनाया, जो भारत के खिलाफ उनका दूसरा सबसे बड़ा टोटल है।
पावरप्ले में धमाका: कीवी टीम ने पहले 6 ओवर में 71 रन जोड़े, जो भारत के खिलाफ उनका अब तक का सर्वश्रेष्ठ पावरप्ले स्कोर है। टिम साइफर्ट (62 रन) और रचिन रवींद्र की 100+ रनों की ओपनिंग पार्टनरशिप ने मैच की नींव रखी।
मैच के टर्निंग पॉइंट्स:
बुमराह से चूक: पहले ही ओवर में बुमराह ने टिम साइफर्ट का कैच छोड़ दिया, जिसका खामियाजा भारत को भुगतना पड़ा।
हार्दिक का डायरेक्ट हिट: मिड-ओवर में हार्दिक पांड्या के सटीक थ्रो ने कप्तान मिचेल सैंटनर को रनआउट कर कीवी टीम की रफ्तार पर कुछ हद तक ब्रेक लगाया।
बैटिंग कोलैप्स: 154 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की पूरी टीम 18.4 ओवर में 165 रन पर सिमट गई।
सच का समय – विश्लेषण: भारत भले ही यह मैच हार गया हो, लेकिन सीरीज में अभी भी 3-1 की बढ़त के साथ टीम इंडिया मजबूत स्थिति में है। शिवम दुबे का फॉर्म में आना आगामी टी-20 वर्ल्ड कप के लिहाज से भारत के लिए सबसे बड़ी राहत है।
गुवाहाटी में अभिषेक का 'तूफान', सूर्या की 'दहशत': भारत ने 10 ओवर में चेज किए 154 रन, लगातार 9वीं सीरीज जीती

भारतीय क्रिकेट टीम ने रविवार को बरसापारा स्टेडियम में इतिहास रच दिया। न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी-20 मुकाबले में टीम इंडिया ने जीत नहीं, बल्कि ‘तबाही’ मचाई। कीवी टीम द्वारा दिए गए 154 रनों के लक्ष्य को भारत ने मात्र 10 ओवर (60 गेंद) में हासिल कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने 5 मैचों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली है और यह भारत की लगातार 9वीं टी-20 सीरीज जीत है।
अभिषेक शर्मा: युवराज के बाद दूसरी सबसे तेज फिफ्टी
मैच के असली हीरो अभिषेक शर्मा रहे। उन्होंने महज 14 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जो टी-20 इंटरनेशनल में किसी भी भारतीय द्वारा लगाई गई दूसरी सबसे तेज फिफ्टी है।
रिकॉर्ड: उन्होंने हार्दिक पांड्या और सूर्या को पीछे छोड़ दिया। अब उनसे आगे सिर्फ युवराज सिंह (12 गेंद) हैं।
अनोखा सेलिब्रेशन: सिक्स लगाकर फिफ्टी पूरी करने के बाद अभिषेक ने अपना सिग्नेचर ‘L-शेप’ सेलिब्रेशन किया। उन्होंने 20 गेंदों पर नाबाद 68 रन बनाए।
सूर्या का ‘सुप्ला शॉट’ और कीवी खिलाड़ियों का शक
कप्तान सूर्यकुमार यादव ने एक बार फिर साबित किया कि उन्हें क्यों ‘मिस्टर 360’ कहा जाता है। उन्होंने 26 गेंदों पर 57 रनों की पारी खेली।
हैरान रह गए गंभीर: जब सूर्या ने जैकब डफी की गेंद पर अपना फेमस ‘सुप्ला शॉट’ खेला, तो डगआउट में बैठे कोच गौतम गंभीर भी अपनी आँखों पर यकीन नहीं कर पाए।
बल्ला चेक किया: भारत की ऐसी ‘खूँखार’ बल्लेबाजी देख कीवी खिलाड़ी हैरान रह गए। मैच के बाद डेरिल मिचेल ने सूर्या का और डेवोन कॉन्वे ने अभिषेक शर्मा का बल्ला (Bat) चेक किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
बने रिकॉर्ड्स के अंबार:
60 गेंद शेष रहते जीत: 150+ स्कोर का पीछा करते हुए यह किसी भी फुल मेंबर टीम के खिलाफ सबसे बड़ी जीत है।
पावरप्ले में गदर: भारत ने 6 ओवर में 94/2 रन बनाए, जो न्यूजीलैंड के खिलाफ वर्ल्ड रिकॉर्ड पावरप्ले स्कोर है।
सबसे तेज टीम फिफ्टी: भारत ने मात्र 3.1 ओवर में अपनी टीम फिफ्टी पूरी कर ली, जो एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड है।
गेंदबाजी में चमके बुमराह और हार्दिक
इससे पहले न्यूजीलैंड ने बल्लेबाजी करते हुए 153 रन बनाए थे।
हर्षित राणा का पंजा: हर्षित ने डेवोन कॉन्वे को लगातार 5वीं बार आउट किया।
जसप्रीत बुमराह: अपनी पहली ही गेंद पर टिम साइफर्ट को क्लीन बोल्ड कर सनसनी फैला दी।
हार्दिक का ‘सुपरमैन’ कैच: मिड-ऑफ पर हार्दिक पांड्या ने हवा में उड़ते हुए कॉन्वे का शानदार कैच लपका।
सच का समय – विश्लेषण: भारतीय टीम जिस आक्रामक अंदाज (Intent) में खेल रही है, वह दिखाता है कि टी-20 क्रिकेट का नया दौर शुरू हो चुका है। गुवाहाटी का मैदान कल रात केवल नीली जर्सी के शोर से गूंज रहा था।
रायपुर में सूर्या-ईशान का 'तूफान': भारत ने न्यूजीलैंड को 7 विकेट से रौंदा, सीरीज में बनाई 2-0 की अजेय बढ़त

शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम में शुक्रवार को रनों की ऐसी बरसात हुई कि न्यूजीलैंड का 209 रनों का विशाल लक्ष्य भी बौना साबित हो गया। कप्तान सूर्यकुमार यादव और वापसी कर रहे ईशान किशन की आतिशी पारियों की बदौलत भारत ने केवल 15.2 ओवर में ही मैच जीतकर 5 मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है।
ईशान-सूर्या की ‘विराट’ साझेदारी
209 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। संजू सैमसन (6) और अभिषेक शर्मा (0) केवल 6 रन के कुल स्कोर पर पवेलियन लौट गए। लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने कीवी गेंदबाजों के होश उड़ा दिए:
ईशान किशन की वापसी: 2 साल बाद टीम में लौटे ईशान ने 32 गेंदों पर 76 रन कूट डाले। उन्होंने मात्र 21 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी की।
कप्तान का जलवा: सूर्या ने 37 गेंदों पर नाबाद 82 रनों की पारी खेली। उन्होंने 23 पारियों के सूखे के बाद अपने टी-20 करियर का 23वां अर्धशतक जड़ा।
रिकॉर्ड साझेदारी: दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए मात्र 54 गेंदों में 122 रनों की मैच जिताऊ साझेदारी हुई।
न्यूजीलैंड की पारी: सैंटनर और रचिन का संघर्ष
इससे पहले टॉस हारकर बैटिंग करने उतरी न्यूजीलैंड ने 20 ओवर में 6 विकेट पर 208 रन बनाए थे।
मिचेल सैंटनर: कप्तान ने अंत में नाबाद 47 रन बनाकर टीम को 200 के पार पहुँचाया।
रचिन रवींद्र: युवा रचिन ने 44 रनों की तेज तर्रार पारी खेली।
भारतीय गेंदबाजी: कुलदीप यादव सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 2 विकेट झटके। अर्शदीप सिंह थोड़े महंगे साबित हुए और उन्होंने 4 ओवर में 53 रन लुटाए।
मैच के ‘टर्निंग पॉइंट्स’ और मोमेंट्स
ईशान का बल्ला छूटा, फिर आए छक्के: मैच के दौरान एक वक्त ईशान के हाथ से बल्ला छूट गया था, लेकिन अगली ही तीन गेंदों पर उन्होंने लगातार तीन चौके जड़कर इरादे साफ कर दिए।
सूर्या को मिले जीवनदान: कप्तान सूर्या को दो बार जीवनदान मिला, जिसका फायदा उठाते हुए उन्होंने कीवी गेंदबाज जैक फाउक्स के एक ही ओवर में 25 रन बटोर लिए।
फाउक्स का शर्मनाक रिकॉर्ड: न्यूजीलैंड के जैक फाउक्स ने एक ही पारी में 67 रन खर्च किए, जो किसी भी कीवी गेंदबाज द्वारा टी-20 में लुटाए गए सबसे ज्यादा रन हैं।
भारत ने आज जिस ‘ब्रांड’ की क्रिकेट खेली, वह वर्ल्ड कप की तैयारियों के लिहाज से शानदार है। 6 रन पर 2 विकेट गिरने के बाद पैनिक होने के बजाय काउंटर-अटैक करना टीम के बढ़ते आत्मविश्वास को दर्शाता है।
हमारा विश्लेषण: ईशान किशन ने अपनी इस पारी से चयनकर्ताओं को कड़ा संदेश दिया है। वहीं, सूर्यकुमार यादव का फॉर्म में लौटना मिडिल ऑर्डर की रीढ़ को मजबूत करता है। न्यूजीलैंड के लिए ओस (Dew) ने स्पिनरों का काम मुश्किल कर दिया, लेकिन भारत की बल्लेबाजी के सामने शायद 250 रन भी कम पड़ते।
बड़ी बात: भारत ने घरेलू मैदान पर अपना 100वां टी-20 मैच जीत के साथ यादगार बनाया।
पहले टी-20 में भारत की धमाकेदार जीत:
अभिषेक शर्मा की आतिशी पारी और गेंदबाजों का जलवा

नागपुर (21 जनवरी 2026): भारतीय क्रिकेट टीम ने साल 2026 की शुरुआत जीत के साथ की है। नागपुर के वीसीए (VCA) स्टेडियम में खेले गए पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भारत ने न्यूजीलैंड को 48 रनों से शिकस्त देकर 3 मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है।
मैच का लेखा-जोखा: रनों की बारिश
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 238 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। यह न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 में भारत का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है।
अभिषेक का तूफान: युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने मात्र 45 गेंदों पर 84 रनों की तूफानी पारी खेली। अपनी इस पारी के दौरान उन्होंने टी-20 क्रिकेट में अपने 5,000 रन भी पूरे किए। उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।
मध्यक्रम का योगदान: रिंकू सिंह ने आखिरी ओवर में 21 रन बटोरते हुए कुल 44 रन बनाए। कप्तान सूर्यकुमार यादव (32), हार्दिक पंड्या (25) और संजू सैमसन (10) ने भी उपयोगी पारियां खेलीं।
न्यूजीलैंड की गेंदबाजी: कीवी टीम की ओर से जैकब डफी और काइल जैमिसन ने 2-2 विकेट लिए।
न्यूजीलैंड की जवाबी पारी: फिलिप्स की मेहनत बेकार
239 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 190 रन ही बना सकी।
ग्लेन फिलिप्स की फिफ्टी: कीवी टीम की ओर से ग्लेन फिलिप्स ने सबसे ज्यादा 78 रन बनाए, लेकिन दूसरे छोर से समर्थन न मिलने के कारण वे अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके। मार्क चैपमैन ने भी 39 रनों का योगदान दिया।
भारतीय गेंदबाजी: भारत के लिए वरुण चक्रवर्ती और शिवम दुबे ने घातक गेंदबाजी करते हुए 2-2 विकेट झटके। दुबे ने आखिरी ओवर में लगातार दो गेंदों पर दो विकेट लेकर मैच पूरी तरह भारत की झोली में डाल दिया। अर्शदीप, हार्दिक और अक्षर पटेल को 1-1 विकेट मिला।
अक्षर पटेल की चोट ने बढ़ाई चिंता
मैच के दौरान 16वें ओवर में एक तेज शॉट रोकने की कोशिश में भारतीय उपकप्तान और स्पिनर अक्षर पटेल की उंगली चोटिल हो गई। उंगली से खून निकलने के कारण उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा। आगामी वर्ल्ड कप को देखते हुए उनकी चोट भारत के लिए चिंता का विषय हो सकती है।
मैच की बड़ी बातें:
छक्कों का रिकॉर्ड: भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ एक मैच में पहली बार 14 छक्के लगाए।
हाई स्कोरिंग मैच: दोनों टीमों के रनों को मिलाकर कुल 428 रन बने, जो भारत-न्यूजीलैंड टी-20 मैचों के इतिहास में सबसे ज्यादा हैं।
सूर्या का इंतजार: कप्तान सूर्यकुमार यादव लगातार 23वीं पारी में अर्धशतक लगाने से चूक गए।
रायपुर में अगला मुकाबला: सीरीज का दूसरा टी-20 मैच 23 जनवरी को रायपुर में खेला जाएगा।
कोहली का 'विराट' रिकॉर्ड:
रिकी पोंटिंग को पछाड़ा, लेकिन इंदौर में टूटा भारत का अजेय किला

इंदौर: रविवार को इंदौर में न्यूजीलैंड ने वह कर दिखाया जो पिछले कई दशकों में कोई कीवी टीम नहीं कर पाई थी। भारत को तीसरे वनडे में 41 रनों से हराकर न्यूजीलैंड ने 2-1 से सीरीज अपने नाम कर ली। यह भारत की धरती पर न्यूजीलैंड की पहली वनडे सीरीज जीत है। साथ ही, होलकर स्टेडियम में भारत की यह पहली वनडे हार भी रही।
विराट कोहली: नंबर-3 के नए ‘किंग’
हार के बावजूद यह मैच पूरी तरह विराट कोहली के नाम रहा। उन्होंने अपनी 124 रनों की पारी के दौरान कई बड़े रिकॉर्ड ध्वस्त किए:
नंबर-3 पर सबसे ज्यादा रन: कोहली अब वनडे क्रिकेट में नंबर-3 पोजीशन पर दुनिया में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज रिकी पोंटिंग (12,662 रन) को पीछे छोड़ते हुए 12,676 रन का आंकड़ा छू लिया है।
न्यूजीलैंड के खिलाफ 7वां शतक: कोहली कीवियों के खिलाफ वनडे में सबसे ज्यादा शतक (7) लगाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने रिकी पोंटिंग और सहवाग (6-6 शतक) को पछाड़ दिया।
दुनिया के इकलौते बल्लेबाज: कोहली अब दुनिया के एकमात्र खिलाड़ी हैं जिन्होंने 5 अलग-अलग टीमों (श्रीलंका, विंडीज, ऑस्ट्रेलिया, द. अफ्रीका और न्यूजीलैंड) के खिलाफ 7 या उससे ज्यादा वनडे शतक लगाए हैं।
मैच का लेखा-जोखा: मिचेल और फिलिप्स का कहर
न्यूजीलैंड का स्कोर: पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड ने 337/8 का विशाल स्कोर खड़ा किया। डेरिल मिचेल (137) और ग्लेन फिलिप्स (106) के बीच 219 रनों की ऐतिहासिक साझेदारी हुई।
भारतीय संघर्ष: 338 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत 296 रन पर सिमट गया। कोहली के अलावा नीतीश कुमार रेड्डी (53) और हर्षित राणा (52) ने अपनी पहली वनडे फिफ्टी जड़ी, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके।
मैच के ‘टॉप मोमेंट्स’
पुष्पा सेलिब्रेशन: अपना पहला वनडे अर्धशतक लगाने के बाद नीतीश रेड्डी ने मशहूर ‘पुष्पा’ स्टाइल में जश्न मनाया।
अंपायर का फैसला बदला: अंपायर ने पहले बाई का चौका दिया था, लेकिन डेरिल मिचेल की ईमानदारी और स्पष्टीकरण के बाद उसे बल्लेबाज का रन करार दिया गया।
हर्षित राणा का ऑलराउंड प्रदर्शन: हर्षित ने पहले गेंदबाजी में 3 विकेट झटके और फिर बल्ले से सिर्फ 43 गेंदों में 52 रन बनाकर दर्शकों का दिल जीत लिया।
सच का समय न्यूज़ ओपिनियन
न्यूजीलैंड की यह जीत तुक्का नहीं, बल्कि उनकी जबरदस्त मेहनत का नतीजा है। 5/2 के स्कोर से उबरकर 337 तक पहुँचना उनकी मानसिक मजबूती को दर्शाता है। वहीं भारतीय टीम के लिए यह हार एक चेतावनी है। रोहित और कोहली अब 6 महीने के ब्रेक पर जा रहे हैं, ऐसे में युवा खिलाड़ियों को जिम्मेदारी लेनी होगी।
हमारा विश्लेषण: कोहली की बल्लेबाजी ने एक बार फिर साबित किया कि वे आज भी ‘चेज मास्टर’ हैं, लेकिन मध्यक्रम का बार-बार लड़खड़ाना भारत के लिए बड़ी चिंता का विषय है। इंदौर का ‘अजेय किला’ ढहना यह बताता है कि अब रिकॉर्ड्स के भरोसे नहीं, बल्कि मैदान पर हर विभाग में सुधार की जरूरत है।
बड़ी बात: डेरिल मिचेल इस सीरीज के हीरो रहे, उन्होंने 3 मैचों में रिकॉर्ड 352 रन बनाए।
